पेगासस स्पाईवेयर: इस्राइल का डिजिटल जासूसी का खतरनाक हथियार
नई दिल्ली। इजरायली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप द्वारा विकसित पेगासस स्पाईवेयर स्मार्टफोन निगरानी को लेकर दुनिया के सबसे विवादित तकनीकी मामलों में शामिल रहा है। यह स्पाईवेयर iOS और Android उपकरणों को निशाना बनाने की क्षमता के लिए जाना जाता है। इसकी खासियतों में ‘जीरो-क्लिक’ हमले शामिल हैं, जिनमें कई मामलों में फोन उपयोगकर्ता को किसी लिंक पर क्लिक करने या फाइल डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार डिवाइस से समझौता होने पर पेगासस हमलावर को फोन के डेटा और संचार तक व्यापक पहुंच दे सकता है। जांचों में इसके जरिए संदेश, ईमेल, संपर्क, लोकेशन और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच की क्षमता सामने आई है। कुछ परिस्थितियों में कैमरा और माइक्रोफोन को सक्रिय करने की क्षमता भी बताई गई है।
एनएसओ ग्रुप का कहना है कि पेगासस सरकारों को आतंकवाद और गंभीर अपराधों की जांच के लिए उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, सिटीजन लैब और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की जांचों में पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं।
पेगासस को लेकर विवाद ने डिजिटल निजता, सरकारी निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन पर दुनियाभर में गंभीर बहस छेड़ दी है।