मुंबई हाईकोर्ट में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। माल्या ने अदालत को बताया कि वह फिलहाल यह नहीं बता सकते कि भारत कब लौटेंगे, क्योंकि ब्रिटेन की अदालतों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते वह देश छोड़ नहीं सकते। उनके खिलाफ वहां कानूनी कार्यवाही अभी जारी है। दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट में माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओ एक्ट) को चुनौती देने वाली याचिका दायर की है। हालांकि, कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि जब तक वह भारत नहीं लौटते, तब तक उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं होगी। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड़े की पीठ ने कहा कि माल्या को पहले यह स्पष्ट करना होगा कि वह भारत आने के लिए तैयार हैं या नहीं। अदालत ने टिप्पणी की, “अगर आप वापस नहीं आते, तो हम आपकी याचिका पर विचार नहीं कर सकते।”
सुनवाई के दौरान माल्या ने बताया कि ब्रिटेन की अदालतों के आदेशों के कारण वह यात्रा नहीं कर सकते। वे वर्ष 2016 से ब्रिटेन में रह रहे हैं और भारत में उनके खिलाफ धोखाधड़ी व मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई मामले लंबित हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि माल्या स्थिति स्पष्ट नहीं करते, तो यह माना जा सकता है कि वे न्यायिक प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, अदालत ने फिलहाल उनकी याचिका खारिज नहीं की और उन्हें एक और मौका दिया है। पीठ ने माल्या को निर्देश दिया कि वे एक हलफनामा दाखिल करें, जिसमें साफ तौर पर यह बताएं कि वे भारत लौटेंगे या नहीं। अदालत ने कहा कि बिना स्पष्ट जवाब के उन्हें सुनवाई का लाभ नहीं दिया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी। इस फैसले को भारत में आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में एक अहम कदम माना जा रहा है।
