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बिहार में खुले में मीट बेचने पर रोक, लाइसेंस अनिवार्य

By Friday Sanwad
February 20, 2026 1 Min Read
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पटना | बिहार सरकार ने राज्य में खुले में मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल वैध लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर ही मीट की बिक्री की अनुमति होगी। यह घोषणा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय लोगों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। राज्य के सभी नगर निकायों और शहरी क्षेत्रों में इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाएगा। खुले में मांस बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वर्गों से इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। खासतौर पर दरभंगा नगर निगम क्षेत्र में खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन और नगर निकाय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
बिहार नगर निगम अधिनियम की धारा 345 के तहत मीट शॉप के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Friday Sanwad

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नई दिल्ली | देश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। हर दस वर्ष में होने वाली यह प्रक्रिया इस बार पहले से अधिक विस्तृत होगी। केंद्र सरकार ने गजट अधिसूचना जारी कर पहले चरण का ढांचा तय कर दिया है। पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा, जो हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस पर आधारित रहेगा। इस दौरान जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर मकानों की गिनती करेंगे और रहन-सहन से जुड़ी जानकारियां दर्ज करेंगे। भारत के रजिस्ट्रार जनरल के अनुसार, इसका उद्देश्य देश की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आंकड़ा तैयार करना है, ताकि विकास योजनाओं को अधिक लक्षित तरीके से लागू किया जा सके। इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी का भी विवरण इस बार कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें मकान पक्का या कच्चा होने, दीवार और छत की सामग्री, परिवार के सदस्यों की संख्या, विवाहित जोड़ों की जानकारी और परिवार के मुखिया के लिंग व सामाजिक वर्ग से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का भी विवरण लिया जाएगा। परिवार के पास साइकिल, बाइक या कार जैसे साधन हैं या नहीं, तथा दैनिक उपभोग में किस प्रकार का अनाज प्रमुख है, यह भी दर्ज किया जाएगा। सही जानकारी देना नागरिक कर्तव्य जनगणना एक कानूनी प्रक्रिया है और सही जानकारी देना नागरिक कर्तव्य माना जाता है। गलत सूचना देने या जानकारी से इनकार करने पर जुर्माने का प्रावधान है, हालांकि इसका नागरिकता से कोई संबंध नहीं है। सरकार का कहना है कि जनगणना का उद्देश्य किसी की पहचान पर प्रश्न उठाना नहीं, बल्कि विकास की जरूरतों का आकलन करना है। सटीक आंकड़ों के आधार पर ही स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट और योजनाएं तय की जाती हैं।

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