फ्राइडे संवाद. टेक्नोलॉजी
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते मोबाइल ऐप बाजारों में शामिल हो गया है। एआई परफॉर्मेंस विज्ञापन कंपनी मोलोको द्वारा सेंसर टावर और सिंगुलर के सहयोग से जारी नई रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में भारत में जनरेटिव एआई ऐप्स का उपयोग पिछले वर्ष की तुलना में 669% तक बढ़ गया। यह वृद्धि न सिर्फ भारत की डिजिटल प्रगति को दर्शाती है, बल्कि उपभोक्ताओं के मोबाइल उपयोग के बदलते पैटर्न को भी उजागर करती है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपयोगकर्ताओं ने 2024 में मनोरंजन ऐप्स पर 68 अरब घंटे और सोशल मीडिया ऐप्स पर 50 अरब घंटे अतिरिक्त समय बिताया। गेमिंग सेक्टर ने कुल ऐप उपयोग में 34% हिस्सेदारी के साथ बाजी मारी और इसमें 11% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। ये आंकड़े साबित करते हैं कि मोबाइल ऐप्स भारत में मनोरंजन का प्रमुख साधन बन चुके हैं।

दो अरब से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता

मोलोको के वरिष्ठ विश्लेषक टॉम शैडबोल्ट ने कहा, “अभी भी कई विज्ञापनदाता गूगल और मेटा पर अत्यधिक निर्भर हैं, जबकि सबसे बेहतर रिटर्न इन बड़ी कंपनियों के बाहर मिल रहे हैं।” आज स्वतंत्र ऐप इकोसिस्टम प्रतिदिन दो अरब से अधिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं तक पहुंचता है—जो इंस्टाग्राम और टिकटॉक को मिलाकर बराबर है।
वैश्विक स्तर पर 88% मोबाइल विज्ञापन खर्च गूगल और मेटा के पास जाता है। हालांकि जिन कंपनियों ने अपनी विज्ञापन रणनीतियों में विविधता लाकर स्वतंत्र ऐप्स को शामिल किया, उन्हें 30 दिनों में 214% बेहतर रिटर्न मिला।

वैश्विक मोबाइल ऐप बाजार में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश

मोलोको इंडिया के देश प्रबंधक सिद्धार्थ झावर ने कहा, “भारत वैश्विक मोबाइल ऐप बाजार में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश है। हमारा डेटा दर्शाता है कि एआई और गेमिंग की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।” वैश्विक स्तर पर इन-ऐप खरीद और सब्सक्रिप्शन से होने वाली आय 2024 में 25% बढ़कर 70.5 अरब डॉलर हो गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो वर्षों में उपभोक्ता ऐप से होने वाली कमाई गेमिंग क्षेत्र को भी पीछे छोड़ देगी। स्पष्ट है कि भारत अब वैश्विक मोबाइल विज्ञापन उद्योग का अगला विकास केंद्र बन चुका है।