फ्राइडे संवाद. भिवाड़ी | राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में 16 फरवरी को हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक हेमंत कुमार शर्मा और मैनेजर अभिनंदन को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे में 7 मजदूरों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। भिवाड़ी एएसपी अतुल साहू के अनुसार मामले में चार लोगों को नामजद किया गया था — फैक्ट्री मालिक हेमंत कुमार शर्मा (शाहजहांपुर, खैरथल-तिजारा), मैनेजर अभिनंदन (मोतिहारी, बिहार), प्लॉट मालिक राजेंद्र कुमार (गाजियाबाद) और ठेकेदार अजीत (खुशखेड़ा)। इनमें से ठेकेदार अजीत की हादसे में ही मौत हो चुकी है, जबकि राजेंद्र कुमार ब्रेन ट्यूमर के इलाज के चलते अस्पताल में भर्ती है। उनके परिजनों ने थाने में लिखित आश्वासन दिया है कि वे राजेंद्र को जल्द पेश करेंगे, अन्यथा पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश देगी।

भारी मात्रा में अवैध पटाखे मिले

चौंकाने वाला तथ्य यह है कि गिरफ्तार आरोपी हेमंत कुमार शर्मा, भिवाड़ी पुलिस की DST टीम में तैनात हेड कॉन्स्टेबल योगेश कुमार शर्मा का सगा भाई है, जिससे प्रशासनिक मिलीभगत के सवाल उठ रहे हैं। जांच के दौरान घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर हेमंत की एक और अवैध पटाखा फैक्ट्री और गोदाम का खुलासा हुआ, जिसे 17 फरवरी को सील कर दिया गया। वहां भारी मात्रा में अवैध पटाखे और पटाखा बनाने की बड़ी मशीनें मिली हैं।

अन्य अवैध फैक्ट्रियों की भी जांच शुरू करे

मृतक मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश से रोजी-रोटी की तलाश में आए थे। उनके परिवारों से मिलने टपूकड़ा अस्पताल पहुंचे कांग्रेस नेता व तिजारा प्रत्याशी इमरान खान ने प्रशासन से मांग की है कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी तथा बच्चों की शिक्षा एवं चिकित्सा का खर्च सरकार और फैक्ट्री मालिक संयुक्त रूप से वहन करें। मृतकों के शव डीएनए जांच और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस ने क्षेत्र में अन्य अवैध फैक्ट्रियों की भी जांच शुरू कर दी है।

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