फ्राइडे संवाद. जयपुर
राजस्थान सरकार ने राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत अब युवा उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल सकेगा। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना कई आकर्षक लाभों के साथ आई है। योजना में 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का ऋण दिया जाएगा, जो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस योजना के अंतर्गत युवा उद्यमियों को विशेष सुविधाएं मिलेंगी। वे अपने व्यवसाय को स्थापित करने के लिए 10 दिन बाद ही आवेदन कर सकेंगे, जबकि पहले इसके लिए 15 दिन का इंतजार करना पड़ता था। इसके अलावा, योजना के लिए लाभ युवाओं को स्वयं का उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान करेगी।

पात्रता और दस्तावेज

योजना में 12 जनवरी को इस योजना का शुभारंभ किया गया। उद्यम एवं स्टार्टअप विभाग के शासन सचिव अजितबीर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना एससी/एसटी के 10 दिन बाद ही आवेदन शुरू हो जाएंगे। युवाओं को इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए लाभ युवाओं को स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु विभिन्न सुविधाएं दी जाएंगी।
राजस्थान के मूल निवासी, आयु 18-45 वर्ष एवंग्रुप, सामाजिक, भागीदारी एवं अन्य निबंधित प्रतिष्ठानों के उद्यमी नियमानुसार पंजीकृत होना आवश्यक है। केंद्र या प्रदेश के डिप्लोमेट आवेदक नहीं कर सकेंगे, द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं से मान्यताप्राप्त उच्चतम, ट्रेंट-एनजीओं से व्यावसायिक प्रतियोगिता के लिए आवेदन नहीं किया जा सकेगा।

योजना के तहत देय लाभ

गलत सूचना तो 18% दंडनीय ब्याज सहित तोड़नी होगी राशि, दस्तावेज व पात्रता के अनुसार लाभ दिया जाएगा। आधार कार्ड, मूल शैली से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा निकास प्रमाण पत्र, एवं व्यापार के लिए 3.5 लाख रुपए तक एवं आवेदक-निर्माण और तक का ब्याज मुक्त ऋण अधिकतम 35 प्रतिशत मार्जिन मनी कैश इकाई की में जाएगी। यह पहल राजस्थान में युवा रोजगार के अवसर मिलेंगे और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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