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मेटा पर आरोप: फेसबुक- इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म किशोरों को लत लगाने के उद्देश्य से डिजाइन

By Friday Sanwad
February 27, 2026 2 Min Read
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लॉस एंजिल्स की एक अदालत में सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर चल रहे ऐतिहासिक मुकदमे में हाल ही में मार्क ज़ुकेरबर्ग ने पहली बार खुलकर गवाही दी। आरोप है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म लोगों, खासकर किशोरों को लत लगाने के उद्देश्य से डिजाइन किए गए हैं। इस मामले में सोशल मीडिया की पैरेंट कंपनी मेटा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मुकदमे के दौरान जुकरबर्ग को जूरी के सामने यह स्पष्ट करना पड़ा कि क्या कंपनी ने जानबूझकर यूजर्स का स्क्रीन टाइम बढ़ाने की रणनीति अपनाई थी। अदालत में कंपनी के लगभग दस साल पुराने ईमेल भी पेश किए गए, जिनमें प्लेटफॉर्म पर बिताए जाने वाले समय को 12 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य का जिक्र था। हालांकि, जुकरबर्ग ने कहा कि अब कंपनी इस तरह की सोच के साथ काम नहीं करती और उसका उद्देश्य यूजर्स को बेहतर अनुभव देना है।

सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को लेकर कंपनियों पर सवाल

यह मामला उन एक हजार से अधिक मुकदमों में से एक है, जिनमें सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों को लेकर कंपनियों पर सवाल उठाए गए हैं। इस केस की याचिकाकर्ता 20 वर्षीय युवती, जिन्हें अदालत में केजीएम या केली कहा गया, ने आरोप लगाया कि बचपन से इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स के अत्यधिक उपयोग ने उन्हें नुकसानदेह कंटेंट की ओर धकेल दिया। इससे उनकी मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ा। इसी तरह, लोरी शॉर्ट नामक महिला ने अदालत में बताया कि उनकी 18 वर्षीय बेटी एनाली सोशल मीडिया की लत का शिकार हो गई थी। वह लगातार ब्यूटी फिल्टर का इस्तेमाल करती थीं और अपने लुक्स को लेकर असंतुष्ट रहने लगी थीं। बाद में उन्होंने आत्महत्या कर ली। उनकी मां ने कहा कि वह अब सिर्फ इंसाफ, जवाबदेही और बदलाव चाहती हैं।
इस पूरे मामले की रिपोर्टिंग बीबीसी के संवाददाता पीटर बोवेस ने की है। उनके अनुसार, यह मुकदमा सोशल मीडिया कंपनियों की कार्यप्रणाली पर असर डाल सकता है और भविष्य में कई अन्य लोग भी कानूनी कार्रवाई के लिए आगे आ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत ने कंपनियों के खिलाफ फैसला सुनाया, तो इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपनी नीतियों में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। यह मामला न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया में सोशल मीडिया की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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