मौसम बदलते ही बढ़ा मौसमी बीमारियों का खतरा, सावधानी जरूरी डॉ. सईद मंसूरी, सहायक, अदीब हेल्थ क्लिनिक एवं हिजामा सेंटर, रामगंज बाजार
फ्राइडे संवाद. जयपुर | मानसून के मौसम में तापमान, नमी और बारिश के कारण वातावरण में कई तरह के संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इस समय बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी, पेट संबंधी परेशानी और शरीर में दर्द जैसी शिकायतें आम तौर पर देखने को मिलती हैं। इसके साथ ही मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। राजस्थान में भी डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियां स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय रही हैं। ऐसे मौसम में सबसे जरूरी है कि लोग साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर या आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने दें। कूलर, गमले, टायर, पानी की टंकियों और अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली या साफ करें। स्वास्थ्य विभाग भी मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करने और नियमित रूप से ‘ड्राई डे’ जैसी गतिविधियां अपनाने पर जोर देता है।
बाहर का खुला या दूषित भोजन खाने से बचें और पीने के लिए साफ एवं सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें। मौसमी फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। पर्याप्त नींद लें, संतुलित भोजन करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। यदि तेज बुखार, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, तेज सिरदर्द, शरीर पर दाने या लगातार बढ़ता हुआ दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। विशेष रूप से डेंगू जैसे रोगों में समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय देखभाल महत्वपूर्ण है। मौसम बदलता रहेगा, लेकिन थोड़ी सी सावधानी हमें कई मौसमी बीमारियों से बचा सकती है। स्वस्थ रहें, स्वच्छ रहें और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें।