फ्राइडे संवाद. जयपुर
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार (11 फरवरी) को लगातार तीसरा फुल बजट पेश किया। करीब 2 घंटे 54 मिनट के बजट भाषण में उन्होंने सरकारी कर्मचारियों, किसानों के साथ हेल्थ सेक्टर, पेयजल, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में कई घोषणाएं कीं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 8वें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी बनाई जाएगी। परीक्षाओं के लिए नई टेस्टिंग एजेंसी का भी बजट में ऐलान किया। सरकार स्कूली बच्चों को खेल किट और जादुई पिटारा भी देगी। असहाय, विमंदित, लावारिस मरीजों को अब फ्री इलाज मिलेगा। बजट में मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना में अब कर्ज की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी की मौत पर उसकी पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी। साथ ही कर्मचारी के सरकारी नौकरी में रहते समय स्थायी दिव्यांग हो जाती है और वह नौकरी करने में असमर्थ है तो आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी। जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा कर्मियों की नियुक्ति की घोषणा की गई है। साथ ही नई जल नीति लाने का भी ऐलान किया गया। करीब 6500 गांवों को हर घर नल हर घर जल योजना से जोड़ा जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में सरकार 1800 करोड़ रुपए की लागत से नई सड़कें और ब्रिज बनाएगी। 4 जिलों में एयरपोर्ट बनाने के लिए सर्वे भी किया जाएगा। अगले साल 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज भी बनाए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 30 हजार युवाओं को 10 लाख तक का ब्याज मुक्त लोन देगी।
राइट टू हेल्थ एक्ट पर हंगामा
वही विधानसभा में राइट टू हेल्थ एक्ट के नियमों से जुड़े सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के जवाब पर जमकर नोकझोंक और हंगामा हुआ।विपक्ष के हंगामे से नाराज स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि अगर यही रुख रहा तो दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दूंगा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के विधायक सदन से बाहर चले गए।
इससे पहले विधानसभा में सरकार ने स्पष्ट किया कि वो स्टेट हाईवे पर प्राइवेट गाड़ियों को टोल फ्री नहीं करेगी। डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने भाजपा विधायक के सवाल के जवाब में कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। भाजपा विधायक विक्रम बंशीवाल के सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने ने कहा कि 14 मई 2018 को निजी हल्के वाहनों को स्टेट हाईवे से टोल मुक्त करने की अधिसूचना को 31 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने वापस ले लिया था। वसुंधरा राजे सरकार के समय 2018 में छोटे निजी वाहनों को स्टेट हाईवेपर टोल फ्री करने का फैसला किया था।
युवाओं के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं
बजट में युवाओं के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं है। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के आधार पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की घोषणा की गई है, लेकिन इसका सीधा फायदा नहीं दिखता। क्योंकि राजस्थान में कर्मचारी चयन बोर्ड और राजस्थान लोक सेवा आयोग पहले से हैं। इनके कामकाज को लेकर पहले से बहस चल रही है। ऐसे में एजेंसी बनने के बाद ही फायदा समझ आएगा। युवाओं को नौकरियों की घोषणा की उम्मीद थी। साथ ही ठेका व्यवस्था को खत्म करना चाहते थे। इसकी घोषणा अभी बजट में नहीं हुई है। हालांकि नौकरियों से जुड़ी घोषणा मुख्यमंत्री कर सकते हैं तो अभी एप्रोपिएशन बिल का इंतजार करना पड़ेगा।
बजट के लिए पैसा कहां से आएगा? घोषणाएं कैसे पूरी होंगी?
ये बजट 6.10 लाख करोड़ का है। 5 साल में करीब 1.64 गुना बढ़ चुका है। सरकार की जितनी आमदनी है, उसकी आधी राशि कर्ज चुकाने में चली जाती है। उसके बाद बहुत बड़ा हिस्सा प्रशासनिक वेतन, भत्ते में चला जाता है। इस बार भी बजट में से 2.05 लाख करोड़ तो कर्ज के भुगतान और ब्याज में चला जाएगा। इसके अलावा जितना बजट बढ़ रहा है, उतना ही कर्ज बढ़ रहा है। ऐसे में चुनौती है कि योजनाओं को बिना पैसे धरातल पर कैसे उतारा जाएगा। कर्ज लेकर विकास करने के अलावा सरकार के पास कोई चारा नहीं दिख रहा। ऐसे में सरकारों को उस साल की घोषणा पर उसी साल चलने की जरूरत है, अन्यथा योजना और खर्चों में भारी बढ़ोतरी होती है। रिफाइनरी, ईआरसीपी इसके ज्वलंत उदाहरण हैं, जिनकी लागत दो गुना तक बढ़ गई।
