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लैंड कन्वर्जन 30 दिन में, गलत जानकारी पर दोगुना जुर्माना भी

By Friday Sanwad
October 9, 2026 2 Min Read
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फ्राइडे संवाद. जयपुर
सरकार ने कृषि भूमि का भू-रूपांतरण करने के लिए नए नियम बनाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लैंड कन्वर्जन के लिए अब ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिससे विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आवेदन के तुरंत बाद लैंड यूज चेंज की परमिशन जारी हो जाएगी। ये नियम 2 नवंबर से प्रदेश में लागू होंगे, लेकिन निकाय, यूआईटी, पालिका और डेवलपमेंट अथॉरिटी के क्षेत्राधिकार में लागू नहीं होंगे।

एक महीने में निस्तारण

आवेदन के बाद 30 दिन में लैंड यूज कन्वर्जन करना होगा, अन्यथा आवेदन को ऑटोमेटिक लैंड यूज चेंज मान लिया जाएगा। अभी तक आदेश जारी होने के बाद म्यूटेशन के लिए राजस्व अधिकारियों और पटवारी के पास अलग से प्रक्रिया करनी पड़ती थी। नए नियमों में आवेदन के 30 दिन में राजस्व रिकॉर्ड में म्यूटेशन दर्ज होकर लैंड यूज चेंज हो जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल से होगी। आवेदक को निर्धारित प्रीमियम और फीस चुकाकर फॉर्म-ए सबमिट करना होगा।

कितनी लगेगी दर

कृषि से आवासीय, सार्वजनिक उपयोग और औद्योगिक उपयोग के लिए डीएलसी दर का 5 प्रतिशत देना होगा। कृषि से व्यावसायिक, संस्थागत और टाउनशिप के लिए डीएलसी दर का 10 प्रतिशत लगेगा। खाद्य प्रसंस्करण इकाई के लिए 2.5 प्रतिशत और अक्षय ऊर्जा व नमक निर्माण यूनिट के लिए 0.5 प्रतिशत दर तय की गई है।

इन पर नहीं लगेगा शुल्क

500 वर्ग गज तक की जमीन पर निवास, मवेशी शेड और स्टोर हाउस निर्माण के लिए अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की व्हाइट या ग्रीन कैटेगरी के उद्योग, एससी-एसटी द्वारा अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए किया जाने वाला उपयोग, स्टेडियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पताल-स्कूलों को भी छूट मिलेगी।

कॉलोनी और लेआउट

ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्र और इंटीग्रेटेड टाउनशिप के ले-आउट व बिल्डिंग प्लान को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी कमेटी मंजूरी देगी। आवासीय कॉलोनियों में 40 प्रतिशत जमीन सार्वजनिक सुविधाओं और सड़कों के लिए रखनी होगी।

गलत जानकारी पर जुर्माना

आवेदन में गलत जानकारी देने पर अनुमति रद्द हो सकती है और प्रीमियम का दोगुना जुर्माना लगेगा। बिना अनुमति उपयोग पाए जाने पर चार गुना जुर्माना लगेगा। इस आदेश के खिलाफ आवेदक 30 दिन में कलेक्टर के यहां ऑनलाइन अपील कर सकता है।

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