लोकसभा में बुधवार को विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-ग्राम जी) बिल, 2025 पर गरमागरम बहस हुई। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक का जोरदार विरोध करते हुए इसे किसानों और मजदूरों के खिलाफ बताया। ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह कानून लागू होने पर गरीब, बेरोजगार और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। उन्होंने बिहार और सीमांचल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां से पहले से हो रहे डेढ़ करोड़ लोगों के पलायन में और वृद्धि होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कानून अमीर जमींदारों के हित में है और गरीबों को उनके भरोसे छोड़ देगा।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर भी सवाल उठाए
सांसद ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पहले केंद्र 90 प्रतिशत खर्च वहन करता था, लेकिन अब इसे घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। शेष 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डाला जा रहा है, जिनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे इस योजना को समाप्त करना चाहती है। ओवैसी ने बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि कड़ी मेहनत से मजदूरों की उंगलियों के निशान मिट जाते हैं, जिससे सत्यापन में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां गरीबी खत्म करने की बजाय गरीबों के खिलाफ हैं।
