Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Friday reporter Friday reporter

दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

Friday reporter Friday reporter

दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • टेक – ऑटो
  • विदेश
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • स्पोर्ट्स
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • टेक – ऑटो
  • विदेश
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • स्पोर्ट्स
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Close

Search

देश

सड़कें बुहारने वाला बालक बना मंत्री, डीके शिवकुमार कैबिनेट में शामिल हुए के एस बसवंतप्पा

By Friday Sanwad
August 7, 2026 2 Min Read
0

मां-बाप थे सफाई कर्मचारी, कोविड काल में सेवा से मिला ‘एंबुलेंस बसवंतप्पा’ का नाम

बंगलुरु | कर्नाटक के दावणगेरे शहर में जन्मे के एस बसवंतप्पा बचपन में सड़कें बुहारा करते थे। सोमवार को वे डीके शिवकुमार कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। अत्यंत पिछड़ी अनुसूचित जाति की मादिगा समुदाय से आने वाले बसवंतप्पा की इस उपलब्धि का श्रेय उनके मिलनसार और सहयोगी स्वभाव को दिया जाता है। 57 वर्षीय बसवंतप्पा के माता-पिता दोनों पौरकर्मिक (नगरपालिका सफाई कर्मचारी) थे। दो साल पहले विधानसभा में सफाई कर्मचारियों पर हुई चर्चा के दौरान उन्होंने बताया था कि उनकी मां हनुमक्का और पिता संगप्पा दोनों पौरकर्मिक थे और वे दावणगेरे के आजाद नगर में मां के साथ सड़कें बुहारा करते थे।

टिकट चेकर से लेकर शव गृह तक की नौकरी

दावणगेरे के मायाकोंडा से पहली बार विधायक बने बसवंतप्पा को कई तरह के संघर्ष झेलने पड़े। माता-पिता के बीमार होने पर उनकी जगह काम करने के अलावा वे दावणगेरे के गीतांजलि, पुष्पांजलि और पद्मांजलि थियेटरों में टिकट चेकर भी रहे। इसके बाद उन्होंने दावणगेरे के सरकारी अस्पताल के शव गृह में भी काम किया और बाद में केएसआरटीसी बस स्टैंड, सरकारी कार्यालयों व अस्पतालों में शौचालय सफाई के ठेके लेना शुरू किया।

पूर्व मंत्री अंजनेय से मिली राजनीतिक राह

बसवंतप्पा की राजनीतिक यात्रा में पूर्व मंत्री एच अंजनेय का बड़ा योगदान रहा, जो उनके रिश्तेदार भी हैं। वर्षों तक अंजनेय के लिए प्रचार करते-करते वे 2016 में दावणगेरे जिले के हनगोड़ु से जिला पंचायत सदस्य चुने गए। कोविड महामारी के दौरान जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की मदद करने से उन्हें ‘एंबुलेंस बसवंतप्पा’ का नाम मिला, जिसने उन्हें जनता में खासा लोकप्रिय बना दिया। इसी लोकप्रियता के चलते 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से लगभग दोगुने वोटों से जीत दर्ज की, जबकि 2018 में वे 6,458 वोटों से हार गए थे।

Author

Friday Sanwad

Follow Me
Other Articles
Previous

लोक जुंबिश : राजस्थान का वह जनआंदोलन जिसने गांव-गांव में बदल दी शिक्षा की तस्वीर 1992 में शुरू हुए इस कार्यक्रम ने समुदायों को बनाया अपनी शिक्षा का सूत्रधार, यूनेस्को ने भी सराहा मॉडल

Next

तृतीय श्रेणी शिक्षकों का शहीद स्मारक पर प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री से बातचीत विफल, अब इस्तीफे की मांग तबादला नीति लागू करने की मांग को लेकर धरना जारी, प्रशासन ने काटी लाइट और हटाया जनरेटर

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Memories News

Hot Blogs

Copyright 2026 — Friday reporter. All rights reserved. frnews.org