फ्राइडे संवाद. जयपुर | शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में अब मरीजों को अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए डिजिटल सिस्टम और नए मोबाइल एप की शुरुआत की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को बार-बार फाइलें लेकर घूमने, लंबी कतारों में इंतजार करने और बार-बार अपनी बीमारी का इतिहास बताने की परेशानी से बचाना है। मेडिकल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे इस सिस्टम के तहत डॉक्टरों के लिए “डिजिटल डेस्क” बनाई जाएगी। इसके माध्यम से आउटडोर में आने वाले मरीजों की दवाइयों, जांच रिपोर्ट और फॉलोअप से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध रहेगा। इससे इलाज की प्रक्रिया तेज होगी और प्रतीक्षा समय में कमी आएगी।
मोबाइल एप के जरिए इमरजेंसी रैफरल सिस्टम भी होगा लागू
इसके साथ ही मोबाइल एप के जरिए इमरजेंसी रैफरल सिस्टम भी लागू किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और एम्बुलेंस से मरीजों की रियल टाइम जानकारी सीधे अस्पताल तक पहुंचेगी। इससे गंभीर मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सकेगा। एकीकृत “राज स्वास्थ्य एप” के जरिए रीयल टाइम मॉनिटरिंग, निरीक्षण, फीडबैक, सफाई, वेस्ट मैनेजमेंट और परफॉर्मेंस डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सुधार आएगा।
मेडिकल शिक्षा आयुक्त नरेश कुमार गोयल के अनुसार, डिजिटल पहल से पेशेंट फ्रेंडली स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। सुविधाओं के अनुसार डिजिटल सिस्टम लागू करने के लिए एप विकसित किया जा रहा है। यह कदम प्रदेश में आधुनिक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
