सिविल सर्विसेज़ केवल परीक्षा नहीं, एक बड़ी जिम्मेदारी है: आमीन खान सर
फ्राइडे संवाद | जयपुर। सिविल सर्विसेज़ की तैयारी केवल प्रशासनिक अधिकारी बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता का समग्र विकास करती है। ऐसी तैयारी जीवन की हर बड़ी चुनौती का आत्मविश्वास और विवेक के साथ सामना करने तथा किसी भी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की क्षमता विकसित करती है। यह बात एचकेजेड अकैडमी के डायरेक्टर आमीन खान सर ने हाल ही में आयोजित एक सेमिनार में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में सफलता के लिए इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, विज्ञान, राजनीति, दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों की गहन समझ के साथ प्रभावी संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की योग्यता आवश्यक होती है। उन्होंने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों; “प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार” में आयोजित की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा अभ्यर्थियों की पात्रता का आकलन करती है, जबकि मुख्य परीक्षा उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता और लेखन कौशल को परखती है। अंतिम चरण साक्षात्कार का होता है, जिसमें उम्मीदवार के व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल और अभिव्यक्ति का मूल्यांकन किया जाता है।
आमीन खान सर ने बताया कि एचकेजेड अकैडमी में अनुभवी फैकल्टी द्वारा नियमित कक्षाओं के साथ बायोमेट्रिक पुस्तकालय, स्वाध्याय, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास तथा अंग्रेज़ी वार्तालाप का विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।