नई दिल्ली
वर्ष 2025 भारतीय निवेशकों के लिए कीमती धातुओं का स्वर्णिम साल रहा। जहां चांदी और सोने ने रिकॉर्ड रिटर्न दिए, वहीं क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पूरी तरह निराश करती रही। इस साल चांदी ने सभी एसेट क्लास को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहली बार चांदी 75 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंची, जबकि भारत में वायदा भाव ₹2.32 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर को छू गए। साल की शुरुआत में चांदी में लगाए गए ₹10,000 साल के अंत तक बढ़कर ₹23,000 हो गए, यानी 130 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न। विशेषज्ञों का कहना है कि औद्योगिक उपयोग और निवेश मांग दोनों ने मिलकर चांदी की कीमतों को आसमान पर पहुंचाया।

सोना भी रहा मजबूत

सोने ने भी 70-80 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ नया ऑल-टाइम हाई बनाया। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस को पार कर गया। सोने में ₹10,000 का निवेश लगभग ₹17,000 तक पहुंचा।

बिटकॉइन की खराब कहानी

इसके विपरीत, बिटकॉइन 2025 में पूरी तरह फ्लॉप रहा। साल की शुरुआत में ₹8.03 लाख पर रहा बिटकॉइन साल के अंत तक ₹7.9-8.05 लाख के बीच ही घूमता रहा। निवेशकों को न के बराबर या शून्य रिटर्न मिला। 2025 ने साफ कर दिया कि अनिश्चित आर्थिक माहौल में सोना और चांदी जैसे पारंपरिक सुरक्षित विकल्प भारतीय निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद रहे। पारंपरिक निवेश ने आधुनिक डिजिटल करेंसी को करारा झटका दिया है।

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