एफआर न्यूज. जयपुर। राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने जयपुर नगर निगम के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत जयपुर को 13 जोनों में विभाजित किया गया है, जिनमें कुल 150 वार्ड शामिल होंगे। यह नया ढांचा आगामी नगर निगम चुनावों का आधार बनेगा। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बताया कि बढ़ती आबादी, भौगोलिक विस्तार और नगरीय जरूरतों को देखते हुए यह पुनर्गठन किया गया है। इससे प्रशासनिक सुगमता और विकास कार्यों का समान वितरण सुनिश्चित होगा। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है—मुरलीपुरा जोन (वार्ड 1 से 13) और विद्याधर नगर जोन (वार्ड 7 से 22)। इसी तरह झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र को भी दो भागों में विभाजित किया गया है—झोटवाड़ा जोन (वार्ड 23 से 27) और वैशाली नगर जोन (वार्ड 28 से 37)।

विलय के बाद बिगड़ी व्यवस्था: सोमवार को हेरिटेज और ग्रेटर नगर निगम को मिलाकर एक जयपुर नगर निगम बना दिया गया। लेकिन इस विलय के बाद से शहर की नागरिक सुविधाओं में गिरावट आई है। सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, सड़कों पर आवारा पशुओं का आतंक बढ़ गया है और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।

नागरिकों की बढ़ती शिकायतें: शहर के विभिन्न इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। दैनिक भास्कर ऐप के सिविक इश्यू सेगमेंट पर नागरिकों ने सड़कों में गड्ढे, जाम नालियां और आवारा पशुओं की समस्या उठाई है। वार्ड 8 के गांधी कॉलोनी हनुमान मंदिर के पास किशन कुमार शर्मा ने बताया कि रोजाना गायों का जमावड़ा लगता है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति रहती है।

प्रशासन से मांग: नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों ने मांग की है कि तुरंत सड़कों की मरम्मत कराई जाए, गंदे पानी की निकासी व्यवस्था सुधारी जाए और आवारा पशुओं पर नियंत्रण लगाया जाए। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह पुनर्गठन के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करे।

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