फ्राइडे संवाद. जयपुर। जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, कई लोगों को कमर और गर्दन में दर्द की शिकायत होने लगती है। न्यूरो स्पाइन सॉल्यूशन के विशेषज्ञ व फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. हारून मंसूरी का कहना है कि सर्दियों में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं, लेकिन सही देखभाल से इन्हें रोका जा सकता है।
क्यों बढ़ता है सर्दियों में दर्द
ठंड के मौसम में मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त संचार कम हो जाता है, जिससे रीढ़ की लचीलापन घट जाता है। कम शारीरिक गतिविधि, विटामिन डी की कमी और गलत मुद्रा में बैठने से समस्या और बढ़ जाती है। गठिया और स्पॉन्डिलोसिस से पीड़ित मरीजों को इस मौसम में अधिक परेशानी होती है।
आम समस्याएं
सर्दियों में सबसे आम शिकायतों में कमर दर्द, गर्दन में अकड़न, साइटिका और डिस्क संबंधी समस्याएं शामिल हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने या लेटे रहने से ये दिक्कतें और बढ़ जाती हैं।
बचाव के उपाय
डॉ. हारून सलाह देते हैं कि गर्म कपड़े पहनें, खासकर गर्दन और कमर को ढककर रखें। हर 30-40 मिनट में हल्का स्ट्रेचिंग करें और नियमित व्यायाम जारी रखें। योग, वॉकिंग और प्रतिरोध व्यायाम फायदेमंद हैं। कार्यस्थल पर सही मुद्रा बनाए रखें और पर्याप्त पानी पिएं। कैल्शियम और विटामिन डी युक्त आहार लें।
डॉक्टर को कब दिखाएं
यदि दर्द दो सप्ताह से अधिक समय तक रहे, हाथ-पैरों में सुन्नता या कमजोरी महसूस हो, दर्द से नींद प्रभावित हो या चलने में कठिनाई हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें।
डॉ. हारून का सेंटर झोटवाड़ा, जयपुर में कंटा चौराहा, कलवाड़ रोड पर स्थित है, जहां फिजियोथेरेपी और दर्द निवारण की सुविधा उपलब्ध है। उनका कहना है कि समय पर इलाज से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
