नई दिल्ली/कोझिकोड
भारत के विमानन क्षेत्र में जल्द ही एक नया नाम जुड़ने वाला है—अलहिंद एयर। यह एयरलाइन केरल के एक आम परिवार से आने वाले मोहम्मद हारिस टी के सपनों और मेहनत की कहानी है, जिन्होंने एक छोटे ट्रैवल ऑफिस से शुरुआत कर आज एविएशन सेक्टर में कदम रखने का साहस दिखाया है। मोहम्मद हारिस केरल के कोझिकोड (कैलिकट) के एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। न तो उनके पास बड़ी पूंजी थी, न ही कोई विशेष पहुंच। उन्होंने अपना करियर एक छोटे से ट्रैवल ऑफिस से शुरू किया, जहां टिकट बुकिंग और हज-उमराह की सेवाएं दी जाती थीं। आर्ट्स में स्नातक (इतिहास और अर्थशास्त्र) और फार्माकोलॉजी की डिग्री रखने वाले हारिस ने अपनी ईमानदारी, मेहनत और दूरदर्शिता से धीरे-धीरे अपना काम बढ़ाया। यही छोटा सा काम कालांतर में ‘अलहिंद टूरिज्म’ और फिर ‘अलहिंद ग्रुप ऑफ कंपनीज’ बन गया।

तीन दशकों में बनाई पहचान

वर्ष 1990 में स्थापित अलहिंद ग्रुप आज एशिया के ट्रैवल और टूर मैनेजमेंट सेक्टर में एक प्रमुख नाम है। कंपनी ट्रैवल, टूरिज्म, हज-उमराह, बस सर्विस, वीजा, होटल और लॉजिस्टिक्स जैसी विभिन्न सेवाएं प्रदान करती है। यह यात्रियों के लिए “वन-स्टॉप सॉल्यूशन” बन चुकी है। हारिस इंडियन हज उमराह एसोसिएशन के संस्थापक महासचिव भी हैं, जिसके जरिए उन्होंने हज और उमराह यात्रियों की सुविधाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अलहिंद ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति मजबूत है और इसके कार्यालय यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, बांग्लादेश और कुवैत में हैं।

अब विमानन क्षेत्र में प्रवेश

अब मोहम्मद हारिस ने एविएशन की दुनिया में कदम रखने का निर्णय लिया है। ‘अलहिंद एयर’ के नाम से उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिल चुका है और डीजीसीए की कानूनी प्रक्रिया जारी है। कंपनी एक क्षेत्रीय कम्यूटर एयरलाइन के रूप में शुरुआत करेगी। शुरुआती चरण में ATR 72-600 मॉडल के विमानों का बेड़ा इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक परिचालन शुरू करना है। एयरलाइन सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय हवाई यात्रा सेवाएं प्रदान करने पर फोकस करेगी।

प्रेरणा की कहानी

भारत में जहां इंडिगो और एयर इंडिया जैसी दिग्गज एयरलाइनों का दबदबा है, वहीं एक आम आदमी का बेटा नए हौसले और नए सपनों के साथ इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है। मोहम्मद हारिस की यात्रा हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो साधनों की कमी के कारण अपने सपनों को छोड़ देता है। उनकी जिंदगी यह साबित करती है कि छोटी शुरुआत कोई शर्म की बात नहीं है—असली नुकसान तो रुक जाने में है। धैर्य, मेहनत और विश्वास के साथ कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।

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