फ्राइडे संवाद. नई दिल्ली
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के सदर मौलाना अरशद मदनी ने देश में बढ़ती नफ़रत और हिंसा पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि आज दिनदहाड़े लिंचिंग की घटनाएँ हो रही हैं और गाय के नाम पर बेगुनाहों की जानें ली जा रही हैं, जबकि सरकार खामोश बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह ऐलान कर रहे हैं कि देश में केवल उनकी विचारधारा मानने वाले ही रहेंगे, जो संविधान का खुला उल्लंघन और देश की एकता व अखंडता के लिए खतरनाक है। मौलाना मदनी ने स्पष्ट किया कि जमीयत उलेमा-ए-हिन्द शुरू से ऐसी सांप्रदायिक सोच की विरोधी रही है और इसका विरोध जारी रखेगी।
