नई दिल्ली | उत्तराखंड के कोटद्वार के जिम मालिक मोहम्मद दीपक इन दिनों अपनी बहादुरी और इंसानियत के कारण चर्चा में हैं। नफरत के खिलाफ डटकर खड़े होने वाले दीपक ने हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दीपक ने कहा कि राहुल गांधी ने उन्हें प्रोत्साहित किया और जल्द ही कोटद्वार आकर उनके जिम की सदस्यता लेने का वादा किया। दीपक ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, बल्कि इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने दीपक को डरने की जरूरत न होने का भरोसा दिलाया और परिवार से भी बातचीत की। राहुल गांधी ने दीपक की मुलाकात सोनिया गांधी से भी करवाई। इसके अलावा उनकी मुलाकात राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी से भी हुई। कांग्रेस पार्टी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दीपक को एकता और भाईचारे का प्रतीक बताया।
एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार के सपोर्ट में भिड़े
मोहम्मद दीपक उस समय सुर्खियों में आए थे, जब 26 जनवरी को कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार पर दबाव बनाया था। कथित तौर पर ये लोग बजरंग दल से जुड़े बताए गए। उस दौरान दीपक ने साहस दिखाते हुए विरोध किया और कहा, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।” उनका यह वीडियो वायरल हो गया और देशभर में उनकी सराहना हुई। हालांकि इस घटना के बाद उनके ‘हल्क जिम’ पर बुरा असर पड़ा। पहले जहां रोज करीब 150 सदस्य आते थे, वहीं बाद में संख्या घटकर 12-15 रह गई। आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। हर महीने 40 हजार रुपये किराया और 16 हजार रुपये का लोन चुकाना उनके लिए मुश्किल हो गया। तनाव का असर उनकी सेहत और परिवार पर भी पड़ा।
‘इंसानियत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने की योजना
इस मुश्किल समय में कई लोगों ने दीपक की मदद की। सुप्रीम कोर्ट के 15 वरिष्ठ वकीलों ने उनकी जिम की सदस्यता लेकर आर्थिक सहयोग किया। इससे जिम को दोबारा संभलने में मदद मिली। अब मोहम्मद दीपक देश में बढ़ती नफरत के खिलाफ ‘इंसानियत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने की योजना बना रहे हैं। उनका उद्देश्य प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश फैलाना है। उनकी कहानी यह साबित करती है कि साहस और सच्चाई का रास्ता मुश्किल जरूर होता है, लेकिन अंततः समाज का समर्थन जरूर मिलता है।
