जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शौचालयों की दयनीय स्थिति एक गंभीर समस्या बन गई है। राज्य के 65,308 सरकारी स्कूलों में कुल 85,796 शौचालय हैं, जिनमें से 46,518 पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और उपयोग के योग्य नहीं बचे। वहीं 29,753 शौचालयों को बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। फिलहाल केवल 39,278 शौचालय ही सही स्थिति में हैं। राजधानी जयपुर की स्थिति भी चिंताजनक है। यहां स्कूलों में कुल 4,307 शौचालयों में से 2,444 उपयोग के लायक नहीं हैं, जिनमें 789 पूरी तरह जर्जर और 1,655 को मरम्मत की दरकार है। इससे विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं, को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर सोमवार को राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की। राज्य परियोजना निदेशक व आयुक्त अनुपमा जोरवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शौचालयों की उपलब्धता, मरम्मत और नए निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्वच्छता सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब शौचालय न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि स्कूल छोड़ने की दर, खासकर किशोरियों में, बढ़ाने का भी बड़ा कारण बनते हैं। विशेषज्ञों ने सरकार से अपील की है कि बजट शीघ्र स्वीकृत कर समयबद्ध तरीके से निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
