जयपुर। राजस्थान सरकार ने दिव्यांग और विशेष योग्यजन नागरिकों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना लाखों दिव्यांग परिवारों का आर्थिक सहायक बन गई है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 1,150 से 1,300 रुपए तक की पेंशन राशि प्रदान की जा रही है।

आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त

योजना का प्रमुख उद्देश्य दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित रहती है और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती।

पात्रता शर्तें स्पष्ट

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाणित न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता आवश्यक है। आय की सीमा और बैंक खाता की अनिवार्यता भी रखी गई है। आधार कार्ड और जन आधार कार्ड होना अनिवार्य दस्तावेज हैं।

आवेदन प्रक्रिया सरल

राज्य सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बना दिया है। इच्छुक आवेदक ई-मित्र केंद्रों या राजस्थान एसएसओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे दिव्यांग नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी नहीं होती।

सामाजिक सुरक्षा की नई परिभाषा

राजस्थान के बजट 2026 में इस योजना को विशेष महत्व दिया गया है। प्रति माह मिलने वाली सहायता राशि दिव्यांग परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है। यह राशि न केवल उनकी दैनिक जरूरतें पूरी करती है, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद करती है।

सरकार का संदेश

सामाजिक न्याय विभाग ने सभी पात्र दिव्यांग नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस योजना का लाभ अवश्य लें। राजस्थान सरकार का मानना है कि दिव्यांग व्यक्ति किसी भी तरह समाज के लिए बोझ नहीं हैं, बल्कि वे भी अपनी क्षमता के अनुसार समाज को योगदान दे सकते हैं। योजना के तहत मिलने वाली पेंशन उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राजस्थान सरकार की यह पहल दिव्यांग समाज के प्रति एक प्रशंसनीय प्रयास माना जा रहा है।

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