नई दिल्ली। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मोबाइल फोन की सही सेटिंग्स आपकी सबसे बड़ी ढाल साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सावधानियां बरतकर आप साइबर फ्रॉड से अपने आप को और अपने प्रियजनों को सुरक्षित रख सकते हैं।
पास-की से बढ़ेगी सुरक्षा
साइबर विशेषज्ञ बताते हैं कि कमजोर पासवर्ड हैकर्स के लिए अकाउंट हैक करना आसान बनाते हैं। Google और अन्य सेवाएं अब पास-की (Passkey) की सुविधा दे रही हैं, जिसमें फेस लॉक या फिंगरप्रिंट से लॉगिन होता है। इससे भले ही किसी को पासवर्ड मिल जाए, बायोमेट्रिक पहचान के बिना अकाउंट नहीं खोला जा सकता।
अनजान कॉल्स को करें साइलेंट
ठग अक्सर अनजान नंबरों से बार-बार कॉल करके लोगों को परेशान करते हैं और भावनात्मक कहानियां सुनाकर ठग लेते हैं। WhatsApp और मोबाइल की सेटिंग्स में “Silence Unknown Callers” ऑप्शन चालू करने से केवल सेव किए गए कॉन्टेक्ट्स की कॉल ही बजती है। इससे संदिग्ध कॉल्स से काफी हद तक बचाव मिलता है।
सरकारी ऐप ‘संचार साथी’ का लाभ उठाएं
सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए “संचार साथी” ऐप शुरू किया है। यह ऐप Android और Apple दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसके जरिए चोरी हुए फोन का IMEI ब्लॉक किया जा सकता है और संदिग्ध कॉल व मैसेज की शिकायत दर्ज की जा सकती है। सरकार इस तरह की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करती है।
बुजुर्गों के लिए विशेष सतर्कता
साइबर अपराधी अक्सर सीनियर सिटीजन को निशाना बनाते हैं। परिवार के सदस्यों को चाहिए कि वे अपने बुजुर्गों को अनजान कॉल का जवाब न देने और किसी भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने के लिए प्रेरित करें।
विशेषज्ञों की सलाह
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। थोड़ी सी सावधानी और सही सेटिंग्स आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं।
