जयपुर। अगर आपका बच्चा शाम या रात के समय पैरों में दर्द की शिकायत करता है, तो यह माता-पिता के लिए चिंता का कारण बन सकता है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादातर मामलों में यह कोई गंभीर बीमारी नहीं, बल्कि बच्चों के बढ़ते शरीर से जुड़ा सामान्य ग्रोइंग पेन होता है।पीडियाट्रिशियन के मुताबिक ग्रोइंग पेन आमतौर पर 3 से 12 साल के बच्चों में देखा जाता है। यह दर्द अधिकतर जांघों के पीछे, पिंडलियों या घुटनों के आसपास महसूस होता है और खासतौर पर शाम या रात के समय बढ़ जाता है। दिन में बच्चा सामान्य रूप से खेलता-कूदता रहता है, लेकिन रात को सोते समय दर्द की शिकायत करने लगता है।

आराम न मिलना भी दर्द को बढ़ा सकता

विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर अधिक दौड़-भाग और खेलकूद के कारण मांसपेशियों में थकान हो जाती है, जो शाम तक दर्द का रूप ले सकती है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी, विटामिन-D और कैल्शियम की कमी तथा पर्याप्त आराम न मिलना भी दर्द को बढ़ा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार इस समस्या को घर पर भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं, संतुलित आहार में दूध, दही, फल और हरी सब्जियां शामिल करें। सोने से पहले गुनगुने तेल से हल्की मालिश या गर्म तौलिए से सेक करने से भी आराम मिल सकता है।
हालांकि यदि दर्द लगातार एक ही जगह बना रहे, सूजन हो, चलने में परेशानी हो या दिन में भी दर्द बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही पोषण, पर्याप्त पानी और आराम से ग्रोइंग पेन को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।

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