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विदेश

अमेरिका-ईरान संघर्ष और गहराया: कई शहरों में धमाके, उड़ानें रद्द, खाड़ी देशों में दहशत

By Friday Sanwad
July 16, 2026 3 Min Read
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फ्राइडे संवाद. दुबई
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमलों की दूसरी लहर शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार यह हमले उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहे हैं, जिनका इस्तेमाल स्टेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को धमकाने के लिए किया जा रहा था। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध का स्वागत नहीं किया, लेकिन देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेगा। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों में कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से अधिक घायल हुए हैं। दक्षिण में अमेरिका द्वारा दागी गई 13 मिसाइलों की बौछार में सात ईरानी सैनिक मारे गए, जिसे ईरानी सेना ने ‘कायरतापूर्ण आक्रमण’ करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। बंदर अब्बास, चाबहार और अहवाज़ जैसे शहरों में भी विस्फोटों की खबरें आई हैं। चाबहार में अमेरिकी मिसाइलों ने एक नौसैनिक निगरानी टावर को निशाना बनाया, जो मछुआरों की सुरक्षा और तलाश-बचाव कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली एक नागरिक सुविधा है।

21 ड्रोनों को रोका: कुवैत

इस बीच कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने बुधवार को ईरान से आए कम से कम चार क्रूज मिसाइलों और 21 ड्रोनों को रोक लिया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी हमले ने कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया, जिससे भौतिक क्षति तो हुई है लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उत्तरी इराक के इरबिल में भी पांच ड्रोन हमलों की सूचना मिली है। पुलिस के अनुसार इरबिल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास एक ड्रोन को मार गिराया गया, जिससे आग लग गई।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया और अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय को भारी नुकसान पहुंचाया।

ब्रिटेन ने आईआरजीसी पर लगाया प्रतिबंध

दूसरी ओर ब्रिटेन द्वारा आईआरजीसी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किए जाने के बाद ईरान ने तेहरान में ब्रिटिश राजदूत को तलब किया है। ब्रिटेन के नेशनल सिक्योरिटी (स्टेट थ्रेट्स) एक्ट 2026 के तहत आईआरजीसी की मदद करने वालों को 14 साल तक की जेल और आगजनी जैसी तोड़फोड़ करने वालों को आजीवन कारावास हो सकता है। ईरान पर ब्रिटिश धरती पर यहूदी और इजरायली समुदायों को निशाना बनाकर सात हमले करने का भी आरोप लगाया गया है, जिसे तेहरान ने ‘शत्रुतापूर्ण’ करार दिया है। संघर्ष के असर से हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। ग्रीस की एजियन एयरलाइंस, एयर कनाडा और एयर फ्रांस-केएलएम ने दुबई, तेल अवीव सहित क्षेत्र के कई गंतव्यों की उड़ानें निलंबित कर दी हैं। एयर कनाडा ने तेल अवीव और दुबई की उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द की हैं, जबकि एजियन एयरलाइंस ने दुबई की उड़ानें 31 अगस्त तक और इरबिल-बगदाद की उड़ानें 30 सितंबर तक स्थगित की हैं। एयर फ्रांस ने बेरूत की उड़ानें 2 अगस्त तक रोकी हैं, वहीं केएलएम ने रियाद, दम्मम और बहरीन की उड़ानें निलंबित कर दी हैं।

मोरक्को: ‘गजा बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल

इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इजरायल अमेरिका में जनमत की लड़ाई हार रहा है। पॉडकास्टर जो रोगन से बातचीत में उन्होंने इजरायल को अमेरिका का सहयोगी बताया, लेकिन स्वीकार किया कि इजरायल अमेरिकी राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश करता है और इसमें वह अधिकांश देशों से अधिक कारगर है। वहीं गजा को लेकर मोरक्को ने डोनाल्ड ट्रंप समर्थित ‘गजा बोर्ड ऑफ पीस’ के साथ समझौता कर अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल में शामिल होने की घोषणा की है। इस समझौते पर मोरक्को के विदेश मंत्री नासेर बोरिता और गजा के लिए बोर्ड ऑफ पीस के दूत निकोले म्लादेनोव ने हस्ताक्षर किए। इसके अलावा इजरायल और लेबनान अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद दो पायलट क्षेत्रों को लागू करने पर सहमत हुए हैं, हालांकि हिजबुल्लाह ने इस्राइल के साथ सीधी बातचीत का विरोध जताते हुए दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की पूर्ण वापसी की मांग दोहराई है।

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