राजस्थान के राज्य पशु पर गहराया संकट: 45 साल में 15 लाख से घटकर 2.13 लाख रह गए ऊंट पारंपरिक ऊंट पालन वाले जिलों में तेजी से घटी संख्या
राजस्थान में राज्य पशु ऊंट पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 45 वर्षों में प्रदेश में ऊंटों की संख्या करीब 15 लाख से घटकर मात्र 2.13 लाख रह गई है, यानी 86 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और ऊंटों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1980 में प्रदेश में लगभग 15 लाख ऊंट थे, जो 2012 तक घटकर 3.26 लाख रह गए। वर्ष 2015 में यह संख्या कुछ बढ़कर 3.70 लाख हुई, लेकिन 2019 की गणना में यह फिर घटकर मात्र 2.13 लाख रह गई। यह गिरावट विशेष रूप से बाड़मेर, श्रीगंगानगर, नागौर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे पारंपरिक ऊंट पालन वाले जिलों में सबसे अधिक देखी गई है, जहां ऊंटों की आबादी लगातार घट रही है।