बरसात ने खोली विकास की पोल! आखिर कब सुधरेगी सीकर के फतेहपुर रोड की बदहाल तस्वीर?
फ्राइडे संवाद. सीकर (आदिल कुरैशी)। बरसात का मौसम शुरू होते ही सीकर शहर के विकास के दावों की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई है। सवाल यह है कि आखिर फतेहपुर रोड की यह बदहाल सड़क कब तक लोगों की परेशानी का कारण बनी रहेगी? वर्षों से टूटी सड़क, बड़े-बड़े गड्ढे और उनमें भरा गंदा पानी क्या विकास की यही तस्वीर है? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का आना-जाना होता है, लेकिन किसी की नजर इस समस्या पर नहीं पड़ती। जनता जब नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों से शिकायत करती है तो जवाब मिलता है कि “यह हमारे हाथ में नहीं है”, जबकि अधिकारियों से शिकायत करने पर भी समाधान नहीं निकलता। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आम जनता अपनी समस्या लेकर जाए तो किसके पास जाए? फतेहपुर रोड वर्षों से बदहाल स्थिति में चुनाव नजदीक आते ही जनप्रतिनिधि गली-गली दिखाई देंगे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनता की मूलभूत समस्याएं आखिर क्यों भुला दी जाती हैं? क्या जनता सिर्फ वोट देने तक ही सीमित है? जमीनी हकीकत जानने पर पता चला कि फतेहपुर रोड वर्षों से बदहाल स्थिति में है। यह सड़क कई शहरों को सीकर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, फिर भी इसकी अनदेखी की जा रही है। पावर हाउस के सामने बिना बारिश के भी करीब तीन फीट तक पानी भर जाता है, जो घंटों तक नहीं निकलता। नगर परिषद का पंप हर समय वहीं खड़ा रहता है, मानो जलभराव का इंतजार कर रहा हो। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण पिछले दो वर्षों में कई दुकानों के मालिक बदल चुके हैं। ग्राहक तो दूर, लोग इस रास्ते से गुजरने से भी बचते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि चुनाव का इंतजार करेंगे, या फिर जनता को इस बदहाली से जल्द राहत मिलेगी?