वक़्त के मुताबिक़ बदलने चाहिए आरक्षण के कायदे: जयपुर इंटेलेक्ट ग्रुप
फ्राइडे संवाद. जयपुर। आरक्षण जाति आधारित होना चाहिए या फिर बुनियादी शैक्षणिक व्यवस्था को ही इतना पुख्ता बनाया जाना चाहिए कि आरक्षण की ज़रूरत ही ना पड़े। कुछ ऐसी ही चर्चा मंगलवार को जयपुर क्लब में आयोजित जयपुर इंटेलेक्ट ग्रुप (JIG) की मासिक बैठक के दौरान हुई। इस बैठक की मेजबानी रानू श्रीवास्तव ने की। बैठक में देश के एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर विमर्श किया गया। इस बार की चर्चा का मुख्य विषय “क्या सामाजिक न्याय और अवसर की समानता के बीच संतुलन के लिए आरक्षण प्रणाली में सुधार ज़रूरी हैं? रखा गया था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित मेंबर्स ने आरक्षण के वर्तमान स्वरूप, इसके सामाजिक प्रभावों और भविष्य में इसमें किए जा सकने वाले जरूरी सुधारों को लेकर विचार साझा किए। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के सभी वर्गों तक न्यायसंगत तरीके से समान अवसर कैसे पहुंचाए जा सकें। इस मौके पर अलका बत्रा, डॉ. अंजू सोनी, अपर्णा सहाय, अभिषेक मिश्रा ,दीपा माथुर, देवराज सिंह, कमला पोद्दार, डॉ. मीता सिंह, निर्मला सेवानी, सपना महेश, सुधीर कसलीवाल, सुधीर गुप्ता, सुधीर माथुर, सरिता सिंह, शशि माथुर, रजनीश सिंघवी, राजुला लूना, टीना साहनी, तृप्ति पांडे, विद्या जैन और विनोद भारद्वाज उपस्थित रहे।