40 हजार रुपए की पूंजी से शुरू हुआ था कारोबार, आज 70 हजार करोड़ की कंपनी है प्रेस्टीज ग्रुप
बेंगलुरु के दर्जी से रियल एस्टेट किंग बनने तक, इरफान रज़ाक की चार पीढ़ियों की कहानी
बेंगलुरु। साल 1986 में जब प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स की शुरुआत महज 40 हजार रुपए की पूंजी से हुई थी, तब यह दशकों से गारमेंट कारोबार में जमी एक परिवार की छोटी सी रियल एस्टेट पहल भर थी। चार दशक बाद बेंगलुरु मुख्यालय वाली यह कंपनी आज देश की सबसे बड़ी लिस्टेड रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियों में शुमार है और अगस्त 2026 तक इसका बाजार पूंजीकरण करीब 70 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।
दर्जी की दुकान से शुरू हुआ सफर
इस कारोबार की जड़ें 1956 तक जाती हैं, जब इरफान रज़ाक के पिता सत्तार रज़ाक ने बेंगलुरु में पुरुषों के कपड़ों की एक दुकान खोली थी, जो सिली हुई कमीज, पैंट और बिजनेस सूट के लिए जानी जाती थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद इरफान और उनके दोनों छोटे भाई परिवार के इसी कारोबार से जुड़ गए। लेकिन 1980 के दशक में जब बेंगलुरु तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ने लगा, तो परिवार ने रिटेल कारोबार से बाहर भी अवसर तलाशने शुरू किए। इरफान धीरे-धीरे जमीन के सौदों और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट की दुनिया में उतरते चले गए। रियल एस्टेट क्षेत्र में परिवार का औपचारिक प्रवेश 1986 में प्रेस्टीज एस्टेट्स एंड कंस्ट्रक्शंस की स्थापना के साथ हुआ। कंपनी ने महज 40 हजार रुपए की शुरुआती पूंजी से काम शुरू किया और उसका पहला प्रोजेक्ट 10 हजार वर्गफुट का एक ऑफिस भवन था। शुरुआती प्रोजेक्ट भले छोटे रहे हों, लेकिन यह वही दौर था जब बेंगलुरु तकनीक और सेवा क्षेत्र के हब के रूप में उभर रहा था, जिससे आने वाले दशकों में आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट की मांग लगातार बनी रही।
फोरम मॉल से यूबी सिटी तक का सफर
शहर की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ प्रेस्टीज ने भी धीरे-धीरे अपने प्रोजेक्ट्स का दायरा बढ़ाया। कंपनी ने बेंगलुरु में आवासीय परियोजनाओं के साथ-साथ ऑफिस स्पेस और रिटेल डेवलपमेंट भी बनाए। इसके कुछ चर्चित प्रोजेक्ट्स में फोरम मॉल, यूबी सिटी और किंगफिशर टावर्स शामिल हैं, जिन्होंने शहर के रियल एस्टेट बाजार में कंपनी की पहचान को और मजबूत किया। साल 2010 में कंपनी के लिए एक बड़ा मोड़ आया, जब प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स ने अपना आईपीओ लॉन्च किया। इस आईपीओ से करीब 1200 करोड़ रुपए जुटाए गए, जिसने कंपनी को नए बाजारों में विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध कराई। इसके बाद के वर्षों में प्रेस्टीज ने दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत की और बाद में हैदराबाद, चेन्नई, कोच्चि, गोवा, पुणे, मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) तक अपना विस्तार किया। कंपनी ने आवासीय क्षेत्र से आगे बढ़कर वाणिज्यिक कार्यालयों, रिटेल संपत्तियों सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी विविधता लाई।
आज भी परिवार की मजबूत पकड़
कंपनी ने निर्माण प्रबंधन और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन जैसे कई महत्वपूर्ण कामकाज आज भी अपने संगठन के भीतर ही बनाए रखे हैं। इरफान रज़ाक आज भी कंपनी के परिचालन से गहराई से जुड़े हुए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ नियमित रूप से प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करते हैं। फोर्ब्स वर्ल्ड्स बिलियनेयर्स लिस्ट 2026 के अनुसार, इरफान रज़ाक की अनुमानित संपत्ति 1.5 अरब डॉलर आंकी गई है। परिवार की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के कई सदस्य भी आज इस कारोबार से जुड़े हुए हैं और कंपनी के भविष्य के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।