Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Friday reporter Friday reporter

दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

Friday reporter Friday reporter

दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • टेक – ऑटो
  • विदेश
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • स्पोर्ट्स
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • टेक – ऑटो
  • विदेश
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • स्पोर्ट्स
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Close

Search

देश

जयपुर-दुबई फ्लाइट रोज बिगड़ रहा है सफर, यात्री हो रहे हैं परेशान

By Friday Sanwad
August 13, 2026 2 Min Read
0

फ्राइडे संवाद. जयपुर | जयपुर-दुबई रूट पर हाल में शुरू हुई स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी-5157 लगातार देरी और कैंसिलेशन के कारण यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार यह फ्लाइट शाम 5:55 बजे होनी है, लेकिन बावजूद इसके लगातार देरी से संचालित हो रही है। सोमवार को शाम एयरलाइंस ने फ्लाइट को पहले रात 8 बजे, फिर 10 बजे के लिए री-शेड्यूल किया। बार-बार समय बदलने से नाराज यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा किया, आखिरकार फ्लाइट करीब रात 10:45 बजे रवाना हुई। मंगलवार को भी एयरलाइंस ने एसजी-5157 को पहले रात 8:15 बजे के लिए री-शेड्यूल किया, लेकिन बाद में फ्लाइट रद्द कर दी गई। कैंसिलेशन के बाद यात्रियों ने नाराजगी जताई और वैकल्पिक उड़ान से दुबई भेजने की मांग की। लगातार देरी और कैंसिलेशन के चलते यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट, होटल और अन्य यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
3 दिन अपने विमान से, फिर विदेशी एयरक्राफ्ट
स्पाइसजेट-जयपुर फ्लाइट शुरू होने के शुरुआती तीन दिन एयरलाइंस ने अपने विमान से संचालन किया, इसके बाद इस रूट पर विदेशी एयरक्राफ्ट बदल दिया गया। अब कंबोडिया की स्काई अंकोर एयरलाइंस के एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। टिकट और फ्लाइट नंबर स्पाइसजेट के ही हैं, लेकिन विमान और परिचालन क्षमता अनुबंधित एयरलाइंस से ली गई है। एविएशन एक्सपर्ट के अनुसार इस मॉडल को एविएशन में वेट-लीज कहा जाता है। वेट-लीज क्या है: वेट-लीज में एक एयरलाइन दूसरी एयरलाइन से विमान, क्रू, मेंटेनेंस और इंश्योरेंस सहित अन्य परिचालन व्यवस्था अनुबंध पर लेती है। यात्री टिकट मूल एयरलाइंस से ही खरीदता है और फ्लाइट नंबर भी वही रहता है, लेकिन वास्तविक विमान दूसरी एयरलाइंस का संचालित होता है।

Author

Friday Sanwad

Follow Me
Other Articles
Previous

देश में एक साल में 64 हजार नए करोड़पति जुड़े, फाइनेंस-आईटी सेक्टर सबसे आगे

Next

महिलाओं की भागीदारी से ही बनेगा विकसित राजस्थान: दीया कुमारी

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Memories News

Hot Blogs

Copyright 2026 — Friday reporter. All rights reserved. frnews.org