Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
Friday reporter Friday reporter

दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

Friday reporter Friday reporter

दुनिया और आख़िरत की कामयाबी के लिए पढ़ते रहना जरूरी है।

  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • टेक – ऑटो
  • विदेश
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • स्पोर्ट्स
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • टॉप न्यूज़
  • देश
  • टेक – ऑटो
  • विदेश
  • जयपुर
  • राजस्थान
  • स्पोर्ट्स
  • Privacy Policy
  • Contact Us
Close

Search

देश

चुनावी चर्चा: वार्ड 63 में इस बार त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, तीन पूर्व पार्षद आमने-सामने

By Friday Sanwad
August 13, 2026 3 Min Read
0

फ्राइडे संवाद. आदिल कुरैशी | नगर परिषद चुनाव की सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। चुनावी चर्चा की हमारी विशेष श्रृंखला में आज बात सीकर के वार्ड नंबर 63 की, जहां परिसीमन के बाद चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। पहले जहां यह एक अलग वार्ड था, वहीं अब इसमें वार्ड 61 और वार्ड 62 को भी शामिल किया गया है। ऐसे में इस नए वार्ड में पिछले कार्यकाल के तीन निर्वाचित पार्षदों की राजनीतिक मौजूदगी चुनाव को बेहद रोचक बना रही है।
नए वार्ड 63 में पिछले कार्यकाल के अब्दुल लतीफ चौहान, अकरम खत्री और तौफीक बेलिम प्रमुख राजनीतिक चेहरों के रूप में सामने दिखाई दे रहे हैं। करीब 5 हजार से अधिक मतदाताओं वाले इस वार्ड में इस बार मुकाबला केवल व्यक्तिगत लोकप्रियता का नहीं, बल्कि पुराने जनसंपर्क, जातीय समीकरण, युवा वोट और परिवार के प्रभाव के बीच भी माना जा रहा है।

अब्दुल लतीफ चौहान: पुराना गढ़ बचाने की चुनौती

अब्दुल लतीफ चौहान पिछले करीब 20 वर्षों से वार्ड की राजनीति में सक्रिय हैं और लगातार चार बार पार्षद रह चुके हैं। उनके परिवार की सामाजिक पकड़ और उनके वालिद अब्दुल हक चौहान की क्षेत्र में मजबूत पहचान को उनकी बड़ी ताकत माना जाता है। परिवार का पारंपरिक वोट बैंक भी उनके पक्ष में जाता दिखाई देता है।
हालांकि परिसीमन के बाद वार्ड का दायरा बढ़ने से पुराने समीकरण बदल गए हैं। नए क्षेत्रों के जुड़ने के कारण पारंपरिक वोट बैंक का प्रभाव पहले जैसा रहेगा या नहीं, यह चुनाव में अहम सवाल होगा। पार्टी टिकट की दावेदारी में लतीफ चौहान को मजबूत चेहरा माना जा रहा है, लेकिन इस बार उनके सामने पहले से बड़ा चुनावी मैदान है।

अकरम खत्री: युवा चेहरा और पिछली जीत का आत्मविश्वास

वार्ड 62 से पिछला चुनाव जीतकर पार्षद बने अकरम खत्री ने अपने पहले ही चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज कर राजनीतिक पहचान बनाई थी। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद जावेद चौहान को पराजित कर अपनी राजनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया था। युवा होने के साथ-साथ वार्ड 62 में उनकी मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच सक्रियता उन्हें इस चुनाव में महत्वपूर्ण दावेदार बनाती है। अब वार्ड 62 के नए वार्ड 63 में शामिल होने से अकरम खत्री का अपना पुराना जनाधार उनके लिए बड़ी ताकत साबित हो सकता है।

तौफीक बेलिम: बदलते जातीय समीकरण पर नजर

वार्ड 61 से पिछला चुनाव जीतकर पार्षद बने तौफीक बेलिम भी पहली बार चुनाव जीतकर राजनीतिक मैदान में अपनी जगह बना चुके हैं। अब उनका पुराना वार्ड भी नए वार्ड 63 का हिस्सा है। इस चुनाव में जातीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वार्ड में अलग-अलग सामाजिक समूहों की मौजूदगी के बीच यदि किसी एक दिशा में वोटों का ध्रुवीकरण होता है तो चुनावी परिणाम पूरी तरह बदल सकता है। तौफीक बेलिम के लिए चुनौती यही होगी कि वह अपने पुराने वार्ड के जनसमर्थन को नए वार्ड में कितना विस्तार दे पाते हैं।

किस करवट बैठेगा ऊंट?

वार्ड 63 में सबसे दिलचस्प बात यह है कि मैदान में संभावित प्रमुख चेहरे पहले से चुनावी अनुभव रखने वाले हैं। एक ओर चार बार के पार्षद अब्दुल लतीफ चौहान अपना राजनीतिक गढ़ बचाने की कोशिश करेंगे, वहीं अकरम खत्री युवा ताकत के साथ चुनौती पेश कर सकते हैं। तौफीक बेलिम बदलते सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे। फिलहाल चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। टिकट किसे मिलता है, कौन निर्दलीय मैदान में उतरता है और अंतिम समय में वोटों का ध्रुवीकरण किस दिशा में होता है—यही तीन प्रमुख फैक्टर वार्ड 63 के चुनाव का परिणाम तय कर सकते हैं।

Author

Friday Sanwad

Follow Me
Other Articles
Previous

मोहम्मद साहिद कुरैशी बने जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव, रानोली में हुआ जोरदार स्वागत

Next

कहीं आपकी नेकियाँ बर्बाद तो नहीं हो रहीं?

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Memories News

Hot Blogs

Copyright 2026 — Friday reporter. All rights reserved. frnews.org