मिस्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय — ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम — अब पर्यटकों के लिए तैयार है। राजधानी काहिरा के पास गीजा पठार पर बना यह भव्य संग्रहालय उद्घाटन हुआ। लगभग दो दशक के लंबे निर्माण कार्य के बाद तैयार यह परियोजना मिस्र के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।
एक अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से बने इस संग्रहालय का निर्माण वर्ष 2005 में शुरू हुआ था। राजनीतिक अस्थिरता के कारण इसमें कई बार देरी हुई, लेकिन अब यह पूर्ण रूप से तैयार है। संग्रहालय में 50,000 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें प्राचीन मिस्र के जीवन की झलक दिखाई देती है। इसे गीजा के तीन प्रसिद्ध पिरामिडों और ‘ग्रेट स्फिंक्स ऑफ गीजा’ के साथ मिलाकर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

मिस्र के प्रसिद्ध राजा तूतनखामुन को समर्पित

संग्रहालय में 12 मुख्य दीर्घाएं हैं, जो प्रागैतिहासिक काल से लेकर रोमन युग तक की वस्तुओं को दर्शाती हैं। इनमें सबसे आकर्षक हैं — दो विशेष हॉल, जो मिस्र के प्रसिद्ध राजा तूतनखामुन को समर्पित हैं। यहां उनकी लगभग 5,000 दुर्लभ वस्तुएं, जैसे स्वर्ण सिंहासन, रथ, बिस्तर, सोने का ताबूत और उनका प्रसिद्ध स्वर्ण मुखौटा प्रदर्शित किया गया है। राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी के कार्यकाल में यह मिस्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक परियोजनाओं में से एक है। सरकार ने संग्रहालय और आसपास के गीजा पिरामिड क्षेत्र का भी पुनरुद्धार किया है, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इस संग्रहालय का उद्घाटन न केवल मिस्र की गौरवशाली सभ्यता का प्रतीक है, बल्कि यह दुनिया को मानव इतिहास की सबसे प्राचीन सभ्यता से जोड़ने वाला एक नया द्वार भी साबित होगा।

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