कुरान: इंसानियत के लिए सबसे बड़ा तोहफा
कुरान के पैगाम को समझने और उसे अपनी जिंदगी में उतारने के लिए सिर्फ शब्दों को पढ़ना काफी नहीं जयपुर। कुरान इंसानियत के लिए परवरदिगार का सबसे बड़ा तोहफा है। यह हिदायत, रहमत और रोशनी की किताब है, जिसे जिंदगी बदलने से पहले दिलों को बदलने के लिए नाजिल किया…
बद अखलाक पड़ोसी के बारे में चेतावनी
शरफुद्दीन बैग. जयपुर | दुनिया और आख़िरत में हमारा सबसे बड़ा इम्तिहान हमारे अखलाक का है। क़यामत के दिन भी सबसे पहले हमारे अखलाक का ही हिसाब होगा। इस्लाम में अच्छे अखलाक और चरित्र को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। अगर हमारे अखलाक पड़ोसियों के, अपनों के,…
हज 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, 7 नवंबर तक जमा करें दूसरी किस्त
एफआर न्यूज. चूरू | दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में से एक हज यात्रा के लिए सऊदी अरब सरकार ने हज 2026 का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। हज यात्रा इस्लामी कैलेंडर के 12वें महीने में छह दिनों तक चलती है, जिसमें दुनिया भर से मुसलमान मक्का पहुंचकर पवित्र…
इंसान तकलीफ़ों और परेशानियों से बचना चाहता है: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद या अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन (11 नवंबर, 1888 – 22 फरवरी, 1958) एक प्रसिद्ध भारतीय मुस्लिम विद्वान थे। वे कवि, लेखक, पत्रकार और भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थे। स्वतंत्रता के बाद वे भारत के पहले शिक्षा मंत्री बने। उनके भाषण आज…
20 पेंस की ईमानदारी: जब एक इमाम ने बचा ली इस्लाम की छवि
एफआर न्यूज. लंदन | लंदन में घटी एक घटना ने यह साबित कर दिया कि व्यक्तिगत आचरण किस तरह पूरे धर्म और समुदाय की छवि को प्रभावित कर सकता है। यह कहानी एक इमाम की ईमानदारी और उनके नैतिक मूल्यों की है, जिसने एक गैर-मुस्लिम व्यक्ति को इस्लाम के बारे में सोचने पर…
इमाम बुखारी की याददाश्त का अद्भुत उदाहरण
इस्लामी इतिहास में मुहद्दिसीन (हदीस के विद्वानों) की मेहनत, लगन और याददाश्त की मिसालें आज भी हैरतअंगेज हैं। वे सिर्फ हदीसें लिखते ही नहीं थे, बल्कि उन्हें याद भी करते थे ताकि आगे आने वाली पीढ़ियों तक सही तरीके से पहुंचा सकें। इसी फजीलत के बारे में पैगंबर…