SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एकजुट विपक्ष, राहुल बोले- इस्तीफा लेना हमारा मिशन
छात्रों से बोले राहुल- पुलिस कार्रवाई के वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखें
फ्राइडे संवाद. नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेता एक बार फिर एकजुट नजर आए। 13 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर चाय पर बैठक हुई। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद सभी नेता एक साथ बाहर आए और मीडिया को संबोधित किया। आठ दिन में विपक्षी नेताओं की यह छठी बैठक थी, जिसमें सुप्रिया सुले, डी. राजा, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे और के. सुरेश समेत कई नेता शामिल हुए।
राहुल गांधी: यह हमारा मिशन है
राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना विपक्ष का मिशन है। उन्होंने कहा कि इसमें चाहे एक दिन लगे, एक साल या दो साल, आंदोलन जारी रहेगा। राहुल के मुताबिक विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगा। बैठक में शामिल सभी दलों ने आगे भी मिलकर आंदोलन चलाने का संकेत दिया। वही 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से मुलाकात और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर ज्यादती करने वालों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों (अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक) की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि वो दिन आ रहा है जब हमारे लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने वालों को कठोर न्याय का सामना करना पड़ेगा। चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या कोई भी हवलदार। मैं चाहता हूँ कि हर वो छात्र और युवा, जिसने पुलिस की हिंसा या ग़ैरक़ानूनी हिरासत झेली है, उसका पूरा रिकॉर्ड रखे – वीडियो या फोटो – ये ज़रूरी होंगे।
तेजस्वी का आरोप: वोट चोरी कराई गई
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष एकजुट है और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “जो कुर्बानी देनी होगी, वह सब मिलकर देंगे। देश गांधी जी का देश है। जो भी संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ हम लड़ते रहेंगे।” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने वोट चोरी कराई, ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को धोखा दिया है और उन्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी।
वाम दलों और छात्र संगठन का हमला
CPI(M) नेता एमए बेबी ने कहा कि भाजपा वोट, विरोध प्रदर्शन की जगह और लोकतंत्र को छीन रही है। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि “वी द पीपल बनाम बीजेपी” एक ही लड़ाई और एक साझा दुश्मन की बात है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सोचती है कि लोग वोटिंग अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरेंगे तो उनका विरोध करने का अधिकार भी छीन लिया जाएगा और वे चुप रहेंगे, तो भाजपा गलतफहमी में है।
प्रशांत भूषण: आंदोलन नहीं रुकेगा
प्रशांत भूषण ने कहा कि दिल्ली में वोट चोरी और SIR के खिलाफ 2 अक्टूबर से आंदोलन शुरू हुआ था, लेकिन सरकार ने इसे कुचल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस छोड़ी गई। भूषण के मुताबिक आंदोलन को रोका नहीं जा सकता, क्योंकि विरोध प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है। किसान संगठनों के साथ सिविल सोसाइटी और ट्रेड यूनियन भी इसमें शामिल होंगे।
विपक्ष के पांच संकल्प
बैठक के बाद विपक्ष की ओर से पांच बिंदु रखे गए। कहा गया कि सरकार ने तय कर लिया है कि जंतर-मंतर का इस्तेमाल लोकतांत्रिक तरीके से बात रखने के लिए नहीं हो सकता, विपक्ष इस सोच को चुनौती देगा। मोदी, शाह, ज्ञानेश कुमार और अन्य को समझना होगा कि संविधान को नुकसान पहुंचाकर बच निकलना आसान नहीं होगा। विपक्ष ने दावा किया कि लोकतंत्र और चुनावी व्यवस्था को नष्ट कर दिया गया है। यह लड़ाई भारत के लोगों और उनके भविष्य के लिए है। कोई भी संस्था अपनी भूमिका निभाए या न निभाए, राजनीतिक विरोध और जनता का संघर्ष जारी रहेगा और अंत में जीत उसी की होगी।