अटल इनोवेशन मिशन: स्कूल के आइडिया से स्टार्टअप तक मदद नीति आयोग के चार कार्यक्रमों से बढ़ेगा इनोवेशन, ग्रांट और मेंटरशिप का मिलेगा सहारा
फ्राइडे संवाद. नई दिल्ली
देश में इनोवेशन और उद्यमिता बढ़ाने के लिए नीति आयोग ने 2016 में अटल इनोवेशन मिशन शुरू किया था। इसके तहत स्कूली बच्चों के आइडिया से लेकर स्टार्टअप के प्रोडक्ट और बाजार तक पहुंचने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलते हैं।
अटल टिंकरिंग लैब
देश में 10,000 अटल टिंकरिंग लैब हैं, जिनसे 1.1 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े हैं। कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्र यहां 3डी प्रिंटर और रोबोटिक्स से आइडिया पर काम करते हैं। चयनित स्कूल को लैब के लिए 20 लाख रुपए की ग्रांट मिलती है, जिसमें 10 लाख पूंजीगत खर्च और 10 लाख संचालन व रखरखाव के लिए हैं। यह स्टार्टअप को सीधे मिलने वाली राशि नहीं है।
अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर
यह कार्यक्रम ग्रामीण, आदिवासी, पहाड़ी और कम सुविधा वाले क्षेत्रों में इनोवेशन का इकोसिस्टम बनाता है। यहां मेंटरशिप और नेटवर्किंग की मदद भी मिलती है। सेंटर को 2.5 करोड़ रुपए तक की ग्रांट मिल सकती है, पर साझेदार संस्था को इतनी या ज्यादा मैचिंग फंडिंग देनी होती है। राशि सेंटर को मिलती है, किसी एक स्टार्टअप को नहीं।
अटल न्यू इंडिया चैलेंजेज
प्रोटोटाइप के लिए 1 करोड़ रुपए तक की ग्रांट 12 से 18 महीने में माइलस्टोन के आधार पर मिल सकती है। इसमें महिला सुरक्षा, स्वच्छता, कामकाजी माताओं की समस्याओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पानी और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र शामिल हैं। मेंटरशिप का सहयोग भी मिलता है।
अटल इनक्यूबेशन सेंटर
इनक्यूबेशन नेटवर्क में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दी जाती है। यहां भी 2.5 करोड़ रुपए तक की ग्रांट मिल सकती है, जिसके लिए साझेदार संस्था को बराबर या ज्यादा मैचिंग फंडिंग देनी होती है।