डॉ. सारा और डॉ. सानिया ने डॉक्टर बन किया मां का अधूरा सपना पूरा
फ्राइडे संवाद. जयपुर। बेटियां केवल घर की रौनक ही नहीं, बल्कि माता-पिता के सपनों, संघर्ष और उम्मीदों की खूबसूरत तस्वीर भी होती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक मां का अधूरा सपना उसकी दोनों बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से पूरा किया है। एडवोकेट मोहम्मद इकबाल खान के परिवार के लिए यह समय बेहद खुशी और गर्व का है। वर्ष 2022 में उनकी बड़ी बेटी डॉ. सारा खान ने बीयूएमएस की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने का गौरव हासिल किया था। अब छोटी बेटी डॉ. सानिया खान ने भी बीयूएमएस फाइनल ईयर की परीक्षा प्रथम श्रेणी के अंकों के साथ उत्तीर्ण कर परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया है।
दोनों बहनों ने राजपूताना यूनानी मेडिकल कॉलेज, जयपुर से बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) की पढ़ाई पूरी की है। इससे पहले दोनों ने माहेश्वरी गर्ल्स स्कूल से कक्षा 1 से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की। स्कूल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक दोनों बहनों ने निरंतर मेहनत और लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और डॉक्टर बनने का मुकाम हासिल किया।
वालिदा सलमा खान की भूमिका भी रही बेहद खास
इस सफलता के पीछे उनकी वालिदा सलमा खान की भूमिका भी बेहद खास रही। सलमा खान स्वयं डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन परिस्थितियों के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका। उन्होंने अपने अधूरे सपने को अपनी बेटियों के सपनों से जोड़ते हुए उन्हें डॉक्टर बनाने का संकल्प लिया। बेटियों की शिक्षा, हौसला और आगे बढ़ने की प्रेरणा में उनका निरंतर सहयोग रहा। आज दोनों बेटियों के डॉक्टर बनने से उनका वर्षों पुराना सपना भी एक तरह से पूरा हुआ है। परिवार की इस उपलब्धि पर शुभचिंतकों और परिचितों ने डॉ. सारा खान और डॉ. सानिया खान को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एडवोकेट मोहम्मद इकबाल खान ने बेटियों के सम्मान में कहा, “घर की रौनक होती हैं बेटियां, माता-पिता का स्वाभिमान हैं बेटियां। आने से जिनके घर आती है सुख, समृद्धि और प्रेम, वो फरिश्ता होती हैं बेटियां।” परिवार ने दुआ की कि परवरदिगार दोनों बेटियों को दीन और दुनिया की तमाम भलाई, खुशियां, कामयाबी और कामरानी अता फरमाए तथा उन्हें समाज की सेवा करने का अवसर दे।