सीईसी के विरोध में इंडिया ब्लॉक का दूसरे दिन भी प्रदर्शन, राहुल पर मुकदमा
फ्राइडे संवाद. दिल्ली | मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के विरोध में विपक्षी इंडिया गठबंधन बुधवार को दूसरे दिन भी सड़कों पर उतरा। गठबंधन ने पहले लंच बैठक की, फिर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसद बसों में जंतर-मंतर की ओर बढ़े।
सड़क पर बैठे नेता, शाम को हिरासत
पुलिस ने एक किलोमीटर पहले ही बसें रुकवा दीं, जिसके बाद नेता वहीं सड़क पर बैठ गए। करीब तीन घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा चला। पुलिस ने रोका तो प्रियंका जमीन पर लेट गईं। कांग्रेस के अनुसार प्रियंका को महिला पुलिसकर्मियों ने कई जगह खरोंचा। शाम छह बजे पुलिस ने राहुल और अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया।
राहुल बोले- सीने पर मेडल
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार वैध निर्वाचन आयुक्त नहीं हैं और उनके इस्तीफे तक विरोध चलेगा। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई को ‘ब्लैक डे’ बताया और गुरुवार को देशभर में प्रदर्शन की घोषणा की। एक दिन पहले आकाशवाणी भवन में बिना अनुमति घुसने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने राहुल, प्रियंका और समर्थकों पर एफआईआर दर्ज की थी। इस पर राहुल ने कहा कि हर एफआईआर उनके सीने पर एक मेडल है। अभी 45 एफआईआर हैं और उनका लक्ष्य 100 का है।
सपा रही दूर
प्रदर्शन में टीएमसी, माकपा, भाकपा, राजद और कुछ अन्य दलों के सांसद शामिल रहे। लंच बैठक में समाजवादी पार्टी का कोई नेता नहीं था। कांग्रेस ने कहा कि शॉर्ट नोटिस पर सूचना मिलने से कुछ दल नहीं आ सके। सपा सूत्रों ने अचानक प्रदर्शनों से पहले पर्याप्त चर्चा न होने पर चिंता जताई। शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी-एसपी के प्रतिनिधि भी बैठक में नहीं आ सके।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
इधर, सीईसी और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून के मामले में सुप्रीम कोर्ट का विभाजित फैसला वापस लेने की याचिका दायर हुई है। इसमें दावा है कि जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने अपने बेटे के चुनाव आयोग से पेशेवर जुड़ाव की जानकारी पक्षकारों को नहीं दी।