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आजादी की जंग में मुस्लिम लीडरों का अहम किरदार

By Friday Sanwad
January 23, 2026 2 Min Read
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नई दिल्ली। जमहूरियत दिवस के मौके पर भारत की आजादी में मुस्लिम कौम के अहम किरदार को याद करना जरूरी है। 26 जनवरी 1930 को जब पूर्ण स्वराज का एलान हुआ, उस वक्त से लेकर 15 अगस्त 1947 तक मुस्लिम लीडरों और आजादी के दीवानों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बेमिसाल हिम्मत से जंग लड़ी।

बड़े लीडरों का योगदान

मौलाना अबुल कलाम आजाद ने खिलाफत और असहयोग तहरीक में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हिंदुस्तानी नेशनल कांग्रेस के सदर के तौर पर क्विट इंडिया तहरीक की कमान संभाली। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम इत्तेहाद को मजबूत करने में अहम किरदार अदा किया। खान अब्दुल गफ्फार खान, जिन्हें ‘सरहदी गांधी’ कहा जाता है, ने खुदाई खिदमतगार तंजीम की बुनियाद रखी और अमन-पसंद जंग का रास्ता इख्तियार किया। उनकी फौज ने सरहदी सूबे में अंग्रेजी राज को खुली चुनौती दी।
अली बिरादरान—मौलाना मोहम्मद अली और शौकत अली ने खिलाफत तहरीक को रफ्तार दी, जिसने महात्मा गांधी की असहयोग तहरीक के साथ मिलकर हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को नई बुलंदियां दीं।

तारीखी तहरीकें और शहादतें

1857 की पहली जंग-ए-आजादी में बहादुर शाह जफर ने बागियों की कमान संभाली और अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। इससे पहले टीपू सुल्तान और सैयद अहमद बरेलवी ने शुरुआती मजाहमत का परचम बुलंद किया था। अशफाकउल्ला खान ने काकोरी वाकये में अपनी शहादत देकर नौजवानों को जोश दिलाया।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद और मजलिस-ए-अहरार जैसी तंजीमों ने पूरी आजादी के मुतालबे को मजबूती से उठाया। इंडिया गेट पर दर्ज 95,000 शहीदों में से तकरीबन 62,000 मुस्लिम सिपाही थे, जो उनकी बेमिसाल कुर्बानी को जाहिर करता है।

तालीम और सियासत में खिदमत

डॉ. जाकिर हुसैन ने जामिया मिलिया इस्लामिया की तामीर में अहम किरदार निभाया और बाद में हिंदुस्तान के सदर-ए-मुमालिक बने। हकीम अजमल खान ने तिब्ब और सियासत दोनों मैदानों में काबिल-ए-जिक्र खिदमत की।

इत्तेहाद का पैगाम

जमहूरियत दिवस पर यह तारीख याद दिलाती है कि हिंदुस्तान की आजादी हर मजहब और बिरादरी के लोगों की मुश्तरका कोशिश का नतीजा थी। तकसीम के दुख के बावजूद, मुस्लिम आजादी के मुजाहिदों की यादगार आज भी फिरकावाराना मेल-जोल और कौमी यकजहती की मिसाल बनी हुई है। आजादी के 78 बरसों बाद भी उनका योगदान मुल्क की रंगारंगी और जामे दस्तूर की बुनियाद की निशानी है।

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