मस्कट। ओमान ने अपने हवाई अड्डों पर वाई-फाई 7 तकनीक लागू करके वैश्विक विमानन इतिहास में नया अध्याय लिख दिया है। यह उपलब्धि ओमान को दुनिया का पहला ऐसा देश बनाती है, जहां एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों को अगली पीढ़ी की अल्ट्रा-फास्ट इंटरनेट सेवा उपलब्ध होगी। ओमान एयरपोर्ट्स ने यह पहल चीनी टेक दिग्गज हुआवे के सहयोग से शुरू की है। यह परियोजना ओमान के महत्वाकांक्षी विजन 2040 कार्यक्रम का अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य विमानन क्षेत्र में उन्नत तकनीक अपनाकर परिचालन को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल बनाना है। इस कदम से देश की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई मिलेगी।

वाई-फाई 7: तकनीक का नया युग

वाई-फाई 7, जिसे तकनीकी भाषा में 802.11be कहा जाता है, गति और क्षमता में एक बड़ी छलांग है। यह सैद्धांतिक रूप से 46Gbps तक की स्पीड देने में सक्षम है—मौजूदा वाई-फाई 6 से लगभग पांच गुना तेज। इसकी तेज गति का रहस्य 320MHz तक विस्तारित चैनल बैंडविड्थ और 4K QAM डेटा एन्कोडिंग तकनीक में छिपा है, जो कम समय में अधिक डेटा संचारित करती है।

मल्टी-लिंक ऑपरेशन की खासियत

वाई-फाई 7 की सबसे उन्नत विशेषता मल्टी-लिंक ऑपरेशन (MLO) है। यह तकनीक डिवाइसेज़ को एक साथ कई फ्रीक्वेंसी बैंड से जोड़ती है, जिससे नेटवर्क लेटेंसी काफी कम हो जाती है। यात्रियों को स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और भारी फाइल डाउनलोड में लगभग लैग-फ्री अनुभव मिलेगा।

यात्रियों को मिलेंगे ये फायदे

ओमान एयरपोर्ट्स के अनुसार, यह अपग्रेड हवाई अड्डों की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार लाएगा। यात्रियों को चेक-इन से लेकर बोर्डिंग तक हर चरण पर तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। बढ़ते यात्री यातायात, स्मार्ट गेट्स, वर्चुअल असिस्टेंस और अन्य डिजिटल सेवाओं को देखते हुए यह कदम ओमान को भविष्य के हवाई सफर के लिए पूरी तरह तैयार बनाता है। यह पहल न केवल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि अन्य देशों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

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