ओलंपियाड, खेल, रिसर्च, एनसीसी से बनेगी मजबूत स्टूडेंट प्रोफाइल
नई दिल्ली | नई शिक्षा व्यवस्था और देश-विदेश के प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश की बदलती प्रक्रिया के बीच अब केवल बोर्ड परीक्षा के अंक ही सफलता का आधार नहीं रह गए हैं। छात्रों की समग्र प्रोफाइल (स्टूडेंट प्रोफाइल) को अधिक महत्व दिया जा रहा है। इसमें शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ ओलंपियाड, खेल, रिसर्च, NCC, NSS, सामाजिक गतिविधियां, नेतृत्व क्षमता और अन्य सह-पाठ्यक्रम उपलब्धियां भी शामिल होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छात्र 9वीं कक्षा से ही इन क्षेत्रों में तैयारी शुरू करें, तो 11वीं-12वीं तक उनकी प्रोफाइल काफी मजबूत बन सकती है।
देश के प्रमुख संस्थानों जैसे IIT, IISc और अन्य शोध संस्थानों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष अवसर मिलते हैं। वहीं कई निजी विश्वविद्यालय प्रवेश प्रक्रिया में इंटरव्यू, उपलब्धियों और समग्र प्रोफाइल को महत्व देते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय सहित कई केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय खेल, NCC, NSS तथा अन्य विशेष उपलब्धियों के आधार पर अतिरिक्त लाभ भी प्रदान करते हैं।
उच्च शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर
विदेशी विश्वविद्यालयों में भी केवल परीक्षा के अंक पर्याप्त नहीं माने जाते। अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के कई संस्थान छात्रों की अकादमिक क्षमता के साथ रिसर्च प्रोजेक्ट, सामुदायिक सेवा, नेतृत्व, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को भी प्रवेश प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर अकादमिक ओलंपियाड, राज्य या राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं, रिसर्च प्रोजेक्ट, साइंस एवं इनोवेशन प्रतियोगिताओं, कोडिंग, पब्लिक स्पीकिंग, मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN), पत्रकारिता, छात्र नेतृत्व, स्वयंसेवी कार्य और ऑनलाइन प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। इससे न केवल व्यक्तित्व का विकास होता है, बल्कि उच्च शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर भी मिलते हैं।
शिक्षाविदों का कहना है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अच्छे अंक हासिल करना पर्याप्त नहीं है। मजबूत स्टूडेंट प्रोफाइल ही छात्रों को देश और विदेश के प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश दिलाने और भविष्य की प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।