डिजिटल मार्केटिंग और कंटेंट क्रिएशन में तेजी से बढ़ता करियर बदलते दौर में हर उद्योग को चाहिए डिजिटल पहचान
फ्राइडे संवाद. जयपुर | एक समय था जब किसी भी कंपनी की पहचान अखबार, रेडियो और टेलीविजन के विज्ञापनों से बनती थी। आज वह दौर पूरी तरह बदल चुका है। अब कंपनियां केवल उत्पाद नहीं बेचतीं, बल्कि सोशल मीडिया, वेबसाइट, यू-ट्यूब और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों के साथ निरंतर संवाद भी बनाती हैं। इंस्टाग्राम, लिंक्डइन और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपस्थिति अब हर छोटे-बड़े व्यवसाय की जरूरत बन चुकी है, जिसके कारण डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र तेजी से विस्तार पा रहा है।
कंटेंट क्रिएशन की बढ़ती अहमियत
मौजूदा डिजिटल युग में कंपनियां अपनी ऑनलाइन उपस्थिति मजबूत करना चाहती हैं, इसीलिए उन्हें ऐसे पेशेवरों की जरूरत है जो प्रभावी डिजिटल कंटेंट के जरिए ग्राहकों तक पहुंच सकें। सोशल मीडिया पोस्ट, वेबसाइट सामग्री, ई-मेल कैंपेन, ब्लॉग और वीडियो जैसे माध्यमों से ब्रांड की पहचान बनाना और दर्शकों को जोड़ना ही कंटेंट क्रिएशन का मुख्य उद्देश्य है। सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), सोशल मीडिया मार्केटिंग, ई-मेल मार्केटिंग और पेड कैंपेन जैसे तरीकों से किसी उत्पाद या ब्रांड को अधिक लोगों तक पहुंचाया जाता है।
करियर के अवसर और आवश्यक योग्यता
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिंग, फैशन, ऑटोमोबाइल और मनोरंजन जैसे लगभग हर क्षेत्र में कंपनियां डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों का उपयोग कर रही हैं, जिसके चलते डिजिटल मार्केटिंग और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए 12वीं कक्षा के बाद डिजिटल मार्केटिंग में डिप्लोमा, स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम किया जा सकता है। बीबीए, बीसीए, बी-कॉम, एमबीए और जर्नलिज्म जैसे स्नातक पाठ्यक्रम चुनने वाले विद्यार्थी भी इसके बाद डिजिटल मार्केटिंग, एसईएम, सोशल मीडिया मार्केटिंग या डिजिटल कंटेंट मार्केटिंग में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करके इस क्षेत्र में प्रवेश पा सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
देश के कई प्रतिष्ठित संस्थान इस क्षेत्र में प्रशिक्षण देते हैं, जिनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशन नई दिल्ली, मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस अहमदाबाद, सिंबायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन पुणे और जेवीआर इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन मुंबई प्रमुख हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में हर उद्योग की डिजिटल जरूरतें और बढ़ेंगी, जिससे इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होते रहेंगे।