जामिया तुल हिदाया: वक्फ संपत्ति फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड नासिर खान सड़वा पर अब ₹25000 का इनाम
एक साल बाद भी 27 आरोपियों में सिर्फ एक गिरफ्तार
फ्राइडे संवाद. जयपुर | रामगढ़ रोड स्थित जामिया तुल हिदाया ट्रस्ट की करोड़ों की वक्फ संपत्तियों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने अब मुख्य आरोपी बताए जा रहे नासिर खान सड़वा पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। मामला दर्ज हुए करीब एक साल बीतने के बावजूद नामजद और जांच में सामने आए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में अब तक सिर्फ मोहम्मद जियाउर रहीम की गिरफ्तारी हुई है, जो बाद में जमानत पर बाहर आ गया।
ट्रस्ट की करीब 80 बीघा जमीन राजस्थान बोर्ड ऑफ मुस्लिम वक्फ में दर्ज होने का दावा मुकदमे में किया गया है कि ट्रस्ट की संपत्तियों को कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए बेचने के प्रयास किए गए। मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट प्रबंधन ने मोहम्मद जियाउर रहीम को ट्रस्टी और मदरसे के वाइस प्रिंसिपल पद से हटा दिया था।
फर्जी इकरारनामे से जमीन बेचने का आरोप
एफआईआर में ट्रस्ट की संपत्ति के संबंध में 11 अक्टूबर 2016 का कथित फर्जी इकरारनामा तैयार किया गया। इसमें खसरा नंबर 137, 138 और 139 की कुल 0.28 हेक्टेयर जमीन का 20 लाख रुपए में सौदा दर्शाए जाने की बात कही गई है। परिवाद के मुताबिक संबंधित स्टाम्प पेपर ट्रस्ट चेयरमैन द्वारा खरीदा ही नहीं गया था और न ही इसके लिए किसी व्यक्ति को अधिकृत किया गया था।
छह नामजद आरोपी, अन्य भी जांच के घेरे में
मामले में मोहम्मद जियाउर रहीम, अबरार अहमद, मसरूर अहमद, नासिर खान, जाकिर खान और समीर खान नामजद हैं। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों का भी परिवाद में उल्लेख किया गया है। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने पर कार्रवाई की जा सकती है।
कोर्ट के दखल पर दर्ज हुआ था मामला
ट्रस्ट की ओर से पुलिस में शिकायत के बाद मामला दर्ज नहीं होने पर न्यायालय का रुख किया गया था। इसके बाद 1 जुलाई 2025 को जयसिंहपुरा खोर थाने में केस दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 62, 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत प्रकरण दर्ज है।
सीएम और डीजीपी से लगाई गुहार
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने मामले में कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डीजीपी राजीव शर्मा को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा की मांग की है। ट्रस्ट का आरोप है कि कुछ आरोपी अब भी फरार हैं और संपत्तियों को लेकर विवाद जारी है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।