झुंझुनूं में एयरबैग न खुलने से युवक की मौत, परिजनों ने शोरूम पर किया हंगामा
क्रेन से 20 फीट ऊंचाई पर लटकाई दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो, गाड़ी पर लिखा- मौत का सामान
फ्राइडे संवाद. झुंझुनूं | शहर में 20 जुलाई को हुए एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवा कारोबारी तरुण नायक (21) के परिजनों और दोस्तों ने बुधवार को महिंद्रा के स्थानीय शोरूम पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हादसे में गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन एयरबैग नहीं खुले, जिसे लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। तरुण नायक झुंझुनूं में वाहन किराए पर देने का काम करते थे। 20 जुलाई को वे चार साथियों के साथ सीकर से झुंझुनूं लौट रहे थे, तभी डूंडलोद बाइपास पर उनकी स्कॉर्पियो बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई। गंभीर रूप से घायल तरुण को नवलगढ़ के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गाड़ी में मौजूद अन्य चार लोगों को मामूली चोटें आईं। परिजनों के अनुसार तरुण ने सीट बेल्ट लगा रखी थी, फिर भी टक्कर के वक्त एयरबैग नहीं खुले।मौत से परिवार पर आर्थिक संकटपरिजनों के मुताबिक इस बारे में कंपनी से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी को लेकर परिवार और दोस्त दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो को क्रेन पर लादकर गहलोत मोटर्स शोरूम के बाहर पहुंचे और गाड़ी को क्रेन के सहारे करीब 20 फीट ऊंचाई पर लटकाकर प्रदर्शन किया। गाड़ी पर लाल रंग से “मौत का सामान” और “20 लाख का डिब्बा” जैसे नारे लिखे गए। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधन से मांग की कि वे अपने बच्चों को ऐसी गाड़ी में बिठाकर दुर्घटना का परीक्षण खुद करें। धीरज जाट ने बताया कि तरुण परिवार में इकलौता कमाने वाला था और उसकी मौत से परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर एजेंसी पर स्थायी ताला जड़ दिया जाएगा। वहीं गहलोत मोटर्स झुंझुनूं के मैनेजर रवि शर्मा ने कहा कि एयरबैग न खुलने के पीछे तकनीकी कारण होते हैं और हर टक्कर में एयरबैग खुलना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना की तकनीकी जांच कराई जाएगी।