फतेहपुर के इकरामुद्दीन लोहार की पहल; बेटा रिजवान लोहार मलेशिया में करेगा सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई
फ्राइडे संवाद. शेखावाटी | फतेहपुर के सम्मानित हाजी गुलजार लोहार के पुत्र इकरामुद्दीन लोहार ने अपने बेटे रिजवान लोहार को मलेशिया में सिविल इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा के लिए भेजकर शिक्षा के महत्व का प्रेरणादायक संदेश दिया है। उनका यह कदम केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज के युवाओं के लिए मिसाल बनकर सामने आया है। इकरामुद्दीन लोहार का मानना है कि वास्तविक विरासत धन-संपत्ति नहीं, बल्कि शिक्षा और ज्ञान है। उनका विश्वास है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही युवाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने बेटे को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा दिलाने का निर्णय लिया। समाज में सकारात्मक सोच और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले इकरामुद्दीन लोहार चाहते हैं कि फतेहपुर शेखावाटी का हर युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश और विदेश में अपनी प्रतिभा का परिचय दे। उनका यह प्रयास समाज के अन्य अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है। शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली ऐसी सोच निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी।