युद्ध के दौरान हजारों बच्चे ऐसे हैं जो कभी क्लासरूम के अंदर नहीं गए
गजा
इजरायल-हमास युद्ध ने गजा की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, गजा के 97 प्रतिशत से अधिक स्कूलों को या तो गंभीर नुकसान पहुंचा है या वे पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। युद्ध के दौरान हजारों बच्चे ऐसे हैं जो कभी क्लासरूम के अंदर नहीं गए। वर्तमान में अस्थाई स्कूल पुराने स्कूलों के खंडहरों में संचालित किए जा रहे हैं, जहां कक्षाएं तीन शिफ्ट में चलती हैं ताकि अधिक से अधिक विस्थापित बच्चों तक शिक्षा पहुंचाई जा सके। इसके बावजूद हजारों बच्चे ऐसे हैं जिन्हें शिक्षा की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। शिक्षा सामग्री का संकट भी गंभीर है। कागज, नोटबुक, पेन, इरेजर और रूलर जैसी बुनियादी सामग्री की भारी कमी है और इन्हें गाजा तक पहुंचाना प्राथमिकता नहीं बन पा रहा है। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक खिलौने और मनोरंजक गतिविधियों का सामान भी गाजा नहीं पहुंच पा रहा है।
युद्ध: 17,000 लोगों को आंखों में चोटें
युद्ध विराम की घोषणा के बावजूद इजरायली बमबारी जारी है, जिससे अस्थाई क्लासरूम बनाने की तैयारी भी बाधित हो रही है। इस दौरान गजा सरकार के नेत्र अस्पताल के अनुसार, इस नरसंहारक युद्ध में लगभग 17,000 लोगों को आंखों में चोटें आई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गजा के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो एक पूरी पीढ़ी का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।
