सऊदी अरब में 18 फरवरी 2026 को रमज़ान का पहला रोज़ा रखा गया, और इस अवसर पर मदीना में लाखों रोज़ेदार एक साथ इफ्तार के लिए जुटे।
प्रशासन के अनुसार, इफ्तार के समय मस्जिद का अंदरूनी हिस्सा लगभग 93 प्रतिशत तक भर गया था, जबकि बाहरी आंगन में भी 80 प्रतिशत से अधिक जायरीन मौजूद थे। करीब 2 लाख 27 हजार रोज़ेदारों ने एक साथ रोज़ा खोलकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया। मस्जिद प्रशासन ने इफ्तार के लिए व्यापक इंतज़ाम किए थे। रोज़ेदारों को सुन्नत के अनुसार सात खजूर का पैकेट दिया गया। इसके साथ ताज़ा रोटी, दही और पानी भी उपलब्ध कराया गया। प्रतिदिन लगभग 15 लाख खजूर बांटे जा रहे हैं। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए इफ्तार के तुरंत बाद दस्तरखान हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि मग़रिब की नमाज़ के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।

बुजुर्गों- दिव्यांगों के लिए 8,300 व्हीलचेयर उपलब्ध

इस वर्ष नियमों को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। किसी भी तरह के विज्ञापन या कंपनी के लोगो पर प्रतिबंध लगाया गया है। बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए 8,300 व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए स्मार्ट टेक्नोलॉजी और रीयल-टाइम सेंसर का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए मुफ्त शटल बस सेवा भी शुरू की गई है। इफ्तार का पूरा खर्च चैरिटेबल संस्थाओं और दानदाताओं द्वारा उठाया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं ने रमज़ान के पहले दिन को यादगार और अनुशासित बना दिया।

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