बीकानेर ड्रग्स तस्करी केस का मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत पंजाब से गिरफ्तार, जेल में बंद रहकर चला रहा था नेटवर्क 2 अगस्त को खाजूवाला में पकड़ी गई थी 50 करोड़ की हेरोइन और हथियार, पुलिस ने अमृतसर-जामनगर हाईवे से दबोचा
फ्राइडे संवाद | बीकानेर में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन और विदेशी हथियारों की तस्करी के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि 2 अगस्त को खाजूवाला के चक 6 बीडी में पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 50 करोड़ रुपए की हेरोइन, 11 पिस्टल और 100 कारतूस जब्त किए गए थे। इस मामले में ब्यावर के जैतारण निवासी वीरेन्द्र राजपुरोहित को गिरफ्तार किया गया था, जो वर्तमान में जोधपुर में रह रहा था। पूछताछ में सामने आया कि वीरेन्द्र को यह खेप लेने के लिए पाली के चौपड़ा निवासी राकेश प्रजापत ने भेजा था। राकेश पहले भी पूगल में पकड़ी गई 70 करोड़ रुपए की हेरोइन तस्करी का मुख्य आरोपी रह चुका है।
अमृतसर-जामनगर हाईवे से हुआ गिरफ्तार
पुलिस ने बुधवार को राकेश को पंजाब में अमृतसर के जामनगर हाईवे से पकड़ा। वह पंजाब से जोधपुर आने की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, 2024-25 में राकेश एक साल तक पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद था। इस दौरान वह जेल से ही तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। वह पिछले 13 महीने से भारत के अलग-अलग राज्यों में फरारी काट रहा था।
लग्जरी लाइफ और नेटवर्क को लेकर किए बड़े खुलासे
पुलिस पूछताछ में राकेश ने अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी और तस्करी के नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। वह तस्करी के पैसों से आलीशान जीवन जीता था और खुद सामने कम आता था। अपने साथियों से बॉर्डर पार से आने वाली खेप उठवाकर वह पंजाब तक सप्लाई करवाता था। पाली के चौपड़ा निवासी राकेश ने सोशल मीडिया पर ‘दुबई किंग’ और ‘सरकार’ नाम से ग्रुप बना रखे थे, जिन पर वह पैसों, हथियारों और हथौड़ों के साथ अपनी फोटो और शायरी लिखकर शेयर करता था।
वीरेन्द्र और राकेश की पहचान 2018 में हुई थी बेंगलुरु में
एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि रिमांड पर चल रहे वीरेन्द्र ने पूछताछ में बताया कि उसकी और राकेश की पहचान साल 2018 में बेंगलुरु में हुई थी। 15 जुलाई 2026 की शाम राकेश ने जलालाबाद, पंजाब से वर्चुअल नंबर के जरिए उसे फोन किया और बताया कि पाकिस्तान से खाजूवाला बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हेरोइन और अवैध हथियार आने वाले हैं, जिन्हें उठाकर पंजाब पहुंचाना है। इसके बाद वीरेन्द्र अपनी बुआ के लड़के की बाइक लेकर 18 जुलाई को खाजूवाला पहुंचा और बॉर्डर इलाके की रेकी की। फिर 1 अगस्त को दोबारा वहां पहुंचा। चक 6 बीडी से 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल, 33 मैगजीन और 100 कारतूस लेकर रवाना हुआ, लेकिन पुलिस ने उसे 32 हेड के पास गिरफ्तार कर लिया।
पंजाब की जेल से चल रहा था पूरा सिंडिकेट
एसपी ने बताया कि वीरेन्द्र से पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आने वाली ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का पूरा सिंडिकेट पंजाब की फरीदकोट जेल से संचालित हो रहा था। वहीं से पाकिस्तानी तस्करों तक हवाला के जरिए रकम पहुंचाने की कोशिश भी की जा रही थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में राजस्थान के और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पाली जिले के कई बदमाश भी पुलिस की निगरानी में हैं।