मसरत दाऊद पीनारा ने यूके संसद में सरकोमा कैंसर पर साझा किये अपने विचार; बेहतर इलाज और रिसर्च की उठी मांग
फ्राइडे संवाद. लंदन। यूनाइटेड किंगडम की हाउस ऑफ कॉमंस (यूके संसद) में 15 जुलाई 2026 को सरकोमा कैंसर जैसे दुर्लभ और गंभीर रोग पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। एडिनबर्ग के सांसद डॉ. स्कॉट आर्थर के निमंत्रण पर आयोजित इस कार्यक्रम में सांसदों, कैंसर विशेषज्ञों, चिकित्सकों, सरकोमा से प्रभावित मरीजों, उनके परिजनों और विभिन्न सरकोमा एंबेसेडरों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सरकोमा यूके की एंबेसेडर एवं डीएचपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन मसरत दाऊद पीनारा ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने सेमिनार के दौरान अपने भांजे असद के उपचार से जुड़े अनुभव साझा करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार व्यवस्था की जानकारी उपस्थित सांसदों व विशेषज्ञों को दी। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित रेयर कैंसर एक्ट-2026 के समर्थन में जनमत तैयार करना और यूके सरकार से सरकोमा सहित दुर्लभ कैंसरों पर बेहतर शोध, आधुनिक उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की मांग करना था। चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि सरकोमा कैंसर के इलाज में आज भी कई मामलों में 1970 के दशक से चली आ रही दवाओं का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में नए अनुसंधान, प्रभावी दवाओं के विकास और आधुनिक उपचार पद्धतियों की तत्काल आवश्यकता है। मसरत दाऊद पीनारा ने कहा कि डीएचपी फाउंडेशन अपने उद्देश्यों के अनुरूप सरकोमा कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मरीजों को सहयोग देने और बेहतर इलाज की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से भविष्य में सरकोमा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और नए उपचार विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।