हजरत अबू बक्र सिद्दीक़ (र.अ.) की हलाल रोज़ी, सख़ावत और परहेज़गारी
हजरत अबू बक्र सिद्दीक़ (र.अ.) की जिंदगी हमारे लिए ईमान, परहेज़गारी, सख़ावत और खुदा के प्रति जवाबदेही की बेहतरीन मिसाल है। उनकी जिंदगी का एक खास पहलू यह था कि वे हलाल और हराम के मामले में बेहद सतर्क रहते थे। उन्हें इस बात की गहरी चिंता रहती थी कि उनके…
फ़ज्र की दो रकअतें… दुनिया से बेहतर!
फ़ज्र से पहले पढ़ी जाने वाली दो सुन्नतें बेहद अहम और बड़ी फ़ज़ीलत वाली हैं। नबी मोहम्मद(स.अ.व) ने इन दो रकअतों की अहमियत बताते हुए फ़रमाया कि फ़ज्र की दो रकअतें दुनिया और उसमें मौजूद हर चीज़ से बेहतर हैं। सोचिए, जिस नमाज़ को हम कभी नींद या लापरवाही की…
आलिम-हाफिज़ के साथ डॉक्टर-टीचर बनाने पर भी जोर देने की जरूरत
फ्राइडे संवाद | खुर्शीद अहमद इस्लामी इतिहास को पढ़ने से पता चलता है कि जब इस्लामी सभ्यता अपने उरूज पर थी, उस दौर में मदरसों और इल्मी संस्थानों में शिक्षा का स्तर काफी व्यापक था। वहां धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ गणित, चिकित्सा, खगोल विज्ञान, भूगोल, दर्शन और…
सैफुल्लाह हज़रत खालिद बिन वलीदؓ: इस्लाम के महान सिपहसालार की कहानी
फ्राइडे संवाद. दीनी । इस्लामी इतिहास में हज़रत खालिद बिन वलीदؓ का नाम साहस, रणनीति और रब के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किया जाता है। उन्हें नबी-ए-करीम (स.अ.व) ने “सैफुल्लाह” यानी खुदा की तलवार की उपाधि दी। उनकी जिंदगी इस बात की मिसाल है कि इंसान अपनी…
अल-अंदलुस का सबक: जब एकता कमजोर होती है
अल-अंदलुस की कहानी केवल सदियों पुराना इतिहास नहीं है। यह हमारे लिए आज भी एक आईना है। उस दौर में ज्ञान, संस्कृति, शिक्षा, कला और विज्ञान के क्षेत्र में मुस्लिम समाज ने बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कीं। लेकिन समय के साथ जब आपसी एकता कमजोर हुई, सत्ता और व्यक्तिगत…
कहीं आपकी नेकियाँ बर्बाद तो नहीं हो रहीं?
आज इंसान बाहर से जितना खुश दिखाई देता है, जरूरी नहीं कि अंदर से भी उतना ही सुकून में हो। चेहरे पर मुस्कान हो सकती है, लेकिन दिल में बेचैनी, तनाव और अकेलापन भी हो सकता है। इसलिए हर उदासी को ईमान की कमजोरी समझना सही नहीं है। कई बार इंसान परिस्थितियों,…
औलाद की सही तर्बियत ही सबसे बड़ी कामयाबी
v आज के दौर में अधिकांश वालिदैन अपनी औलाद को बेहतर शिक्षा, सफल करियर और आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य देना चाहते हैं। इसके लिए वे हर संभव प्रयास भी करते हैं। लेकिन इस्लामी शिक्षाओं के अनुसार बच्चों की परवरिश केवल भौतिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं…
वक़्त पर निकाह क्यों ज़रूरी है?
फ्राइडे संवाद. दीनी | आज के दौर में शिक्षा, करियर, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच निकाह की उम्र लगातार आगे बढ़ती जा रही है। अनेक युवा यह मानते हैं कि पहले अच्छा घर, बेहतर नौकरी, पर्याप्त धन और पूरी सामाजिक स्वीकार्यता हासिल हो जाए, उसके बाद…
दिल को सुकून देने वाला रब का वादा
ज़िंदगी में ऐसे दौर हर इंसान पर आते हैं, जब हर तरफ़ अंधेरा दिखाई देता है। दुआएँ जैसे बेअसर महसूस होती हैं, कोशिशें नाकाम लगने लगती हैं और दिल यह सोचने लगता है कि शायद अब कोई रास्ता नहीं बचा। लेकिन ऐसे ही लम्हों में एक मोमिन का सबसे बड़ा सहारा उसका रब…
रमजान 2026: भारत के शीर्ष फूड मार्केट्स में इफ्तार की महक
रमजान 2026 18 फरवरी से शुरू हुआ है जिससे पूरे देश के खाद्य बाजारों में अलग ही चहल-पहल देखी जा रही है। इफ्तार के समय भारत के प्रमुख शहरों में परंपरागत व्यंजनों की सुगंध से हवा महक रही है। हैदराबाद के चारमीनार के आसपास का इलाका और कोलकाता की जकारिया…